सम्राट चौधरी का ऐलान, '17 अगस्त से शुरू होगा विद्यार्थी सहयोग पोर्टल, छात्रों की समस्याओं का होगा समाधान'
पटना, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने बिहार के विकास, शिक्षा, रोजगार, उद्योग, सुरक्षा और ग्रामीण विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया कि 17 अगस्त से पूरे बिहार में 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए विद्यार्थी अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकेंगे और सरकार 30 दिनों के भीतर उसके निष्पादन का प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने संस्थान, छात्रावास, कोचिंग संस्थान यानी पढ़ाई से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है और शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी ही बिहार को आगे ले जाने का काम करेगी, इसलिए छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
सम्राट चौधरी ने बिहार की परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी परीक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करेगी और परीक्षा के आयोजन, गुणवत्ता व निष्पक्षता को बेहतर बनाने के उपाय सुझाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और विश्वसनीय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए चल रहे 'सहयोग शिविर' का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 6,46,181 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 95 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने पर 17,773 अधिकारियों-कर्मचारियों को पहला नोटिस, 860 को दूसरा और 48 को तीसरा नोटिस दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शिकायत के समाधान से संतुष्ट नहीं होने वाले लोगों के लिए आगे शिकायत करने की व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की करीब 85 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस के माध्यम से गांवों की विकास योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के माध्यम से एंबुलेंस, अग्निशमन और पुलिस जैसी सेवाओं को भी जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस करीब 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचने की दिशा में काम कर रही है। महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने 'पुलिस दीदी' योजना शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से स्कूल-कॉलेजों में 'पुलिस दीदी' की तैनाती की जाएगी। महिला पुलिसकर्मी स्कूटी के साथ तैनात रहेंगी और छात्र-छात्राओं को जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में वर्तमान में 32,450 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर निजी निवेश लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अगले नवंबर तक राज्य में पांच लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, खेल और रोजगार के क्षेत्र में बिहार को विकास के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। गांधी मैदान में आयोजित समारोह के दौरान 13 सरकारी विभागों की ओर से अलग-अलग थीम पर झांकियां भी निकाली जाएंगी। इन झांकियों के माध्यम से बिहार की संस्कृति, विकास योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है और इसी जिम्मेदारी की भावना के साथ बिहार को आगे बढ़ाना सरकार का संकल्प है।
--आईएएनएस
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