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सलाउलिम बांध: सिर्फ समंदर ही नहीं, 'रंगीन सिंक होल' के लिए फेमस है गोवा, शांति और सुकून का मिलता है अनुभव

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा का नाम आते ही सबसे पहले बीच और समंदर का नजारा आंखों के सामने आता है, लेकिन गोवा सिर्फ बीच और समंदर की लहरों तक ही सीमित नहीं है।
सलाउलिम बांध: सिर्फ समंदर ही नहीं, 'रंगीन सिंक होल' के लिए फेमस है गोवा, शांति और सुकून का मिलता है अनुभव

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा का नाम आते ही सबसे पहले बीच और समंदर का नजारा आंखों के सामने आता है, लेकिन गोवा सिर्फ बीच और समंदर की लहरों तक ही सीमित नहीं है।

गोवा में कई ऐसे हिडन जैम हैं, जहां की प्रकृति आपको मंत्र-मुग्ध होने पर मजूबर कर देगी। हम बात कर रहे हैं, सलाउलिम बांध की, जहां का नजारा एक 'रंगीन सिंक होल' की तरह लगता है।

गोवा का सलाउलिम बांध, एक ऐसा बांध है, जहां देखने पर लगता है कि पानी एक विशाल गड्डे की तरफ बढ़ रहा है और गायब हो रहा है। यह बिल्कुल ब्लैक होल थ्योरी की तरह लगता है, जहां का नजारा सोचने पर मजबूर कर देता है। अधिक मात्रा में समंदर का पानी, जो बांध के पास के गोले के आकार की जगह बना लेता है, जहां पानी नीचे की तरफ जाने लगता है। यह नजारा मानसून के दिनों में देखने को ज्यादा मिलता है।

सलाउलिम बांध सौलिम नदी के किनारे स्थित है, जो जुआरी नदी की एक सहायक नदी है। सांगुएम कस्बे से 5 किलोमीटर दूर स्थित यह बांध दिलचस्प बात है कि दक्षिण गोवा के संपूर्ण पेयजल की आपूर्ति यहीं से होती है। 24 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह बांध समुद्र तटों से दूर एक सुखद और शांति देने वाला अहसास देता है। अगर आप प्रकृति प्रेमी और पक्षी प्रेमी हैं तो आपको यहां अलग-अलग प्रजाति के पक्षी देखने को मिल जाएंगे। यहां का मुख्य आकर्षण का केंद्र चितकबरी चिड़ियों और जलकौवों हैं, जो बांध की सुंदरता को और अधिक बढ़ा देते हैं।

बांध पर अगर सुंदर नजारों का मजा लेना चाहते हैं तो इसके लिए सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक का समय सबसे बेहतरीन रहेगा। शाम के वक्त बांध के पुल पर बैठकर सनसेट का नजारा देखने का अलग ही मजा है। बांध के आसपास की हरियाली भी पर्यटकों का मन मोह लेने के लिए काफी है। नारियल के लंबे पेड़ और घने जंगल के साथ बांध का नजारा और अधिक खूबसूरत हो जाता है। हालांकि, अगर आप वहां जाएं तो खाने का सामान लेकर आएं क्योंकि वहां कुछ किलोमीटर तक खाने की व्यवस्था नहीं है।

बांध के पास ही वनस्पति उद्यान और पास में एक पार्क है, जहां संरक्षित पशु भी आराम से देखने को मिल जाते हैं। मानसून का मौसम खासकर जून-सितंबर के महीने बांध पर उफान मारती लहरों का सुंदर दृश्य देखने को मिलता है। इसके साथ अक्टूबर-फरवरी के महीने में भी यहां जा सकते हैं।

--आईएएनएस

पीएस/डीकेपी

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