सैनिकों को मिल सकती है आयुष उपचार की सुविधा, प्रतापराव जाधव ने रक्षा मंत्री को लिखा पत्र
नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। देश के सैनिकों को बेहतर, समग्र और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर देश के सभी मिलिट्री और फील्ड अस्पतालों में आयुष ओपीडी और आयुष आधारित उपचार सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।
पत्र में प्रतापराव जाधव ने कहा कि आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज देश के सैनिकों को कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि सेना के पास आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मजबूत ढांचा पहले से मौजूद है, लेकिन यदि इसके साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी जोड़ा जाए तो सैनिकों को समग्र उपचार का और अधिक लाभ मिल सकता है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल रक्षा मंत्रालय के तहत कुछ चुनिंदा संस्थानों में ही आयुष उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जबकि बड़ी संख्या में मिलिट्री और फील्ड अस्पतालों में अभी तक आयुष सेवाएं नहीं हैं। यदि इन अस्पतालों में आयुष सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो सैनिकों को वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित पारंपरिक चिकित्सा का लाभ मिलेगा। खासकर रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल, जीवनशैली प्रबंधन, पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह पहल बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुष सेवाओं को मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ जोड़ने से सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक व्यापक, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनेंगी। साथ ही इससे भारत की समृद्ध पारंपरिक चिकित्सा विरासत को देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
उन्होंने रक्षा मंत्रालय से सभी मिलिट्री और फील्ड अस्पतालों में आयुष ओपीडी और उपचार सुविधाएं शुरू करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयुष मंत्रालय इस योजना को लागू करने के लिए हर संभव तकनीकी सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और संस्थागत सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है। आवश्यकता पड़ने पर दोनों मंत्रालयों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए जा सकते हैं।
--आईएएनएस
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