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सहारनपुर मस्जिद के मलबे में मिला कुआं, मौलाना इसहाक गोरा बोले- यह सबसे बड़ा सबूत

सहारनपुर मस्जिद के मलबे में मिला कुआं, मौलाना इसहाक गोरा बोले- यह सबसे बड़ा सबूत
सहारनपुर मस्जिद के मलबे में मिला कुआं, मौलाना इसहाक गोरा बोले- यह सबसे बड़ा सबूत

सहारनपुर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट के कैंपस में बनी मस्जिद को गिराने के बाद मलबा हटाते समय एक कुआं मिला। माना जा रहा है कि कुआं 25 फीट से ज्यादा गहरा है। हालांकि, इसकी असली गहराई और अन्य जानकारी जांच के बाद पता चलेगी। जमीयत दावत-उल-मुस्लिमीन के संरक्षक और देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने इसे मस्जिद के अस्तित्व का सबसे बड़ा सबूत बताया।

मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा, "हमें आज सुबह जानकारी मिली कि सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट कलेक्ट्रेट में मस्जिद गिरा दी गई है और उसके नीचे एक कुआं मिला है। इस पर अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं और लोग अलग-अलग बातें कह रहे हैं। हमें याद रखना चाहिए कि पहले जब मस्जिद बनती थी, तो या तो कुएं के बगल में बनाई जाती थी या वहां कुआं खोदा जाता था।"

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होता था क्योंकि मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ने से पहले वुजू करते हैं। वुजू क्या है? इसका मतलब है मुंह धोना, नाक में पानी डालना, चेहरा धोना, हाथ धोना और पैर धोना। हर मस्जिद में पानी की जरूरत होती है। यह बहुत बड़ा सबूत है कि वहां मस्जिद थी। ऐसे और भी कई सबूत हैं।

उन्होंने कहा कि जमीन के रिकॉर्ड देखो। वकीलों के पैनल के पास सारे सबूत हैं। मस्जिद गिराए जाने से पहले भी सबूत थे और गिराए जाने के बाद भी सबूत हैं। सबूत क्या है? वह कुआं है।

जमीयत दावत-उल-मुस्लिमीन के संरक्षक और देवबंदी धर्मगुरु मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा, "मस्जिद के खिलाफ कानून और नियमों के मुताबिक कार्रवाई नहीं की गई। मस्जिद खाली करने का आदेश जल्दबाजी में जारी किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर नेताओं के अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिले।"

उन्होंने आगे बताया कि कुछ ने कहा कि उन्होंने सीनियर अधिकारियों से बात की है, जबकि कुछ ने कहा कि बुलडोजर नहीं चलेगा। सभी को लगा कि कोई बीच का रास्ता निकलेगा, लेकिन आज सुबह तस्वीर बहुत अलग दिखी। कई सवाल हैं।

वहीं, सहारनपुर में कोर्ट के फैसले के बाद एक गैरकानूनी मस्जिद गिराया गया। मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा, "हमने पहले भी सरकार से कहा था और इस मामले पर काम कर रहे पैनल ने भी कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह न्याय के साथ होनी चाहिए। किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। यह बहुत बड़ा अन्याय है कि मस्जिद गिरा दी गई। यह 100 साल से भी ज्यादा पुरानी मस्जिद थी, जिसे आपने कुछ ही मिनटों में गिरा दिया।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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