सागर जहरीली शराब कांड: राहुल गांधी ने MP सरकार पर साधा निशाना, वीडियो में बोले- "शासन नाम की कोई चीज नहीं"; मौत का आंकड़ा बढ़कर 24 पहुंचा
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।राहुल गांधी ने लिखा कि "भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। दवा जहरीली, शराब जहरीली, पानी जहरीला।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नए कानून तो बना देती है, लेकिन हादसे के बाद उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी नहीं निभाई जाती।
राहुल गांधी बोले- हर बार एक जैसा होता है एक्शन
राहुल गांधी ने सागर जहरीली शराब मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने कई परिवारों में मातम पहुंचा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं के बाद सरकार की कार्रवाई एक तय पैटर्न की तरह होती है।उन्होंने कहा कि कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा और जांच के आदेश दिए जाएंगे, लेकिन ऐसी घटनाएं दोबारा होती रहेंगी। राहुल गांधी ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया।
सागर शराब कांड में मौत का आंकड़ा बढ़ा
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मंगलवार को दो और मरीजों की मौत हो गई। इसके बाद इस मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 24 तक पहुंच गई है।हालांकि जिला प्रशासन ने अब तक आधिकारिक रूप से 15 मौतों की पुष्टि की है। मृतकों में छापरी निवासी अरविंद विश्वकर्मा और धुरमार निवासी राम स्वरूप अहिरवार शामिल हैं।
120 से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती
जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। फिलहाल 120 से अधिक मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं। संदिग्ध शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई जारी
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीम बनाई गई है। वहीं शराब की सप्लाई चेन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।सरकार की ओर से भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हालांकि विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी कहा कि सागर की घटना पहली बार नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीली शराब से मौतों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।इस घटना के बाद एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार, प्रशासनिक निगरानी और कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और सरकार की आगे की कार्रवाई पर है।

