Samachar Nama
×

सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 10 की मौत, उपमुख्यमंत्री बोले- 'कई दुकानें की गईं सील'

सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 10 की मौत, उपमुख्यमंत्री बोले- 'कई दुकानें की गईं सील'
सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 10 की मौत, उपमुख्यमंत्री बोले- 'कई दुकानें की गईं सील'

भोपाल/सागर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 पहुंच गई है। वहीं, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जानकारी दी कि इस मामले में कई दुकानों को सील किया गया है। उन्होंने कहा कि मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन मौतों के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। कई दुकानें भी सील की गई हैं। इस घटना में संलिप्त लोगों की तलाश भी जारी है।"

उन्होंने बताया कि अभी जो लोग बीमार हैं, उनके उपचार की व्यवस्था सरकार कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इस मामले में आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

राज्य सरकार में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस घटना पर कहा, "आज हमें बुरी खबर मिली। यह बहुत बुरी खबर है और असल में यह एक ऐसी घटना है, जिसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना बेहद दुखद है। मैं मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।"

इस घटना को लेकर सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पत्रकारों को बताया कि बंडा थाना क्षेत्र के दो गांव नौरोजा और डोगरा खुर्द में सुबह मिथाइल अल्कोहल के सेवन से संबंधित मामले सामने आए। इसके बारे में प्रशासन को सुबह करीब 4.30 बजे पता चला। उन्होंने कहा कि अब तक 10 लोगों की पहचान मरने वालों के तौर पर हुई है। मरने वालों के पोस्टमार्टम और दूसरे प्रोसेस की रिपोर्ट आ रही है।"

उन्होंने बताया कि इस बात पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है इन दोनों गांवों में और लोग बीमार तो नहीं हैं। डॉक्टर्स की टीम मौके पर स्क्रीनिंग कर रही है। एसडीएम और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। कलेक्टर ने कहा कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता किसी भी लक्षण वाले इंसान की पहचान करना और उन्हें आगे की जांच के लिए तुरंत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजना है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

Share this story