सफाईकर्मी की मौत मामले में जेई की सेवा समाप्त, ठेकेदार पर कार्रवाई शुरू, नोएडा प्राधिकरण फिर सवालों के घेरे में
नोएडा, 15 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-93बी और ग्राम गेझा के समीप टी-पॉइंट पर सीवर लाइन की सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
साथ ही ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सीवर की सफाई पूरी तरह मशीनों से कराने की बात कही जाती रही है। प्राधिकरण द्वारा बीती देर रात जारी किए गए पत्र द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को जलखण्ड तृतीय के कार्यक्षेत्र में सेक्टर-93बी एवं ग्राम गेझा के समीप टी-पॉइंट पर गहरी सीवर लाइन की सफाई का कार्य चल रहा था।
इस दौरान सफाईकर्मी शिवा सीवर मैनहोल में उतरकर सीवर लाइन का ब्लॉकेज खोलने का कार्य कर रहा था। सूचना में दावा किया गया है कि सफाईकर्मी ने सेफ्टी बेल्ट, ऑक्सीजन मास्क एवं अन्य सुरक्षा उपकरण पहन रखे थे। प्राधिकरण के अनुसार, सफाई के दौरान जब फील्ड स्टाफ ने कुछ समय बाद शिवा को ऊपर खींचने का प्रयास किया तो वह मैनहोल के भीतर मौजूद तारों में फंस गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की मदद से उसे बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित संविदाकार एम/एस शिवजी कंस्ट्रक्शन्स कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पत्र के मुताबिक कंपनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने, उसे ब्लैकलिस्ट करने के लिए नोटिस जारी करने, संबंधित अवर अभियंता (संविदा) राकेश कुमार की सेवा समाप्त करने, संबंधित प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा मृतक सफाईकर्मी के परिवार को नियमों के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है।
हालांकि इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में नोएडा और एनसीआर में सीवर सफाई के दौरान कई सफाईकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद आज भी कई स्थानों पर सफाईकर्मियों को सीवर के भीतर उतरकर काम करना पड़ रहा है। जबकि केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि जहां तक संभव हो, सीवर की सफाई मशीनों से कराई जाए और किसी भी व्यक्ति को बिना पर्याप्त सुरक्षा और आवश्यक परिस्थितियों के सीवर में न उतारा जाए।
नोएडा प्राधिकरण लगातार यह दावा करता रहा है कि शहर में आधुनिक मशीनों के जरिए सीवर की सफाई कराई जा रही है, लेकिन ताजा घटना ने इन दावों की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
--आईएएनएस
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