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सचिन वाजे की जमानत पर रोक बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट में गुरुवार को फिर सुनवाई

सचिन वाजे की जमानत पर रोक बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट में गुरुवार को फिर सुनवाई
सचिन वाजे की जमानत पर रोक बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट में गुरुवार को फिर सुनवाई

मुंबई, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्या मामले में आरोपी बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत के मामले में बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में करीब दो घंटे तक सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का पक्ष सुना। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को दोपहर 3 बजे होगी। तब तक वाजे की जमानत पर लगी रोक बरकरार रहेगी।

दरअसल, विशेष एनआईए अदालत ने 29 सितंबर को 2021 के एंटीलिया बम कांड मामले में सचिन वाजे को जमानत दे दी थी। एनआईए ने विशेष अदालत के इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने फिलहाल वाजे की जमानत पर रोक लगा रखी है।

विशेष एनआईए अदालत ने वाजे को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। हालांकि, अदालत ने शर्त लगाई थी कि प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने तक वह मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। अदालत ने उन्हें पासपोर्ट जमा करने और सात दिनों के भीतर प्रस्तावित निवास का पता या स्थान की जानकारी देने का भी निर्देश दिया था।

विशेष अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष वाजे के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवाद का प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने में विफल रहा है। अदालत ने यह भी कहा था कि एंटीलिया के बाहर खड़ी कार से बरामद जिलेटिन की छड़ें, जिनमें डेटोनेटर नहीं थे, प्रथम दृष्टया प्रत्यक्ष आतंकवादी कृत्य या देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा साबित नहीं होती हैं।

वाजे के वकीलों ने सह-आरोपियों प्रदीप शर्मा और सुनील माने को पहले मिल चुकी जमानत का हवाला देते हुए समानता के आधार पर राहत देने की मांग की थी। वाजे 13 मार्च 2021 से हिरासत में हैं। उनके वकील ने अदालत को बताया था कि मामले में करीब 320 गवाह हैं और आरोपपत्र 14,000 से अधिक पन्नों का है, ऐसे में मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है।

एनआईए के अनुसार, 25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई स्थित उद्योगपति के आवास एंटीलिया के पास विस्फोटक से लदी एक एसयूवी खड़ी मिली थी। वाहन में एक धमकी भरा पत्र भी बरामद हुआ था। कारोबारी मनसुख हिरेन ने दावा किया था कि एसयूवी उनके कब्जे से चोरी हुई थी। इसके बाद 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। कुछ दिनों बाद वाजे को गिरफ्तार किया गया था।

विशेष एनआईए अदालत ने 1 अगस्त 2026 को वाजे समेत 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। अब सभी आरोपियों के खिलाफ यूएपीए और हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा चलने का रास्ता साफ हो गया है। एनआईए का आरोप है कि वाजे ने अमीर लोगों में आतंक पैदा करने और उनसे जबरन वसूली के इरादे से विस्फोटक से लदी एसयूवी को एंटीलिया के पास खड़ा करने में भूमिका निभाई थी।

--आईएएनएस

डीएससी

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