बुलडोजर कार्रवाई में मचा बवाल: युवक ने एडिशनल डीसीपी को जमीन पर गिराया, भारी पुलिस बल तैनात
इंदौर के साउथ टोड़ा इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर चलाए जाने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर हंगामे और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
इसी दौरान हालात संभालने पहुंचे एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को एक युवक ने कथित तौर पर धक्का दे दिया। अचानक लगे धक्के से वह अपना संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
अतिक्रमण हटाने पहुंची थी नगर निगम की टीम
साउथ टोड़ा क्षेत्र में नगर निगम की टीम चिन्हित अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। किसी भी तरह के विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। नगर निगम के कर्मचारी बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई कर रहे थे।
बुलडोजर चलते ही बढ़ा विरोध
जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। शुरुआत में विरोध प्रदर्शन तक सीमित रहा, लेकिन कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन कुछ युवक पुलिस से बहस और धक्का-मुक्की करने लगे।
एडिशनल डीसीपी को युवक ने दिया धक्का
हंगामे के बीच एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे। इसी दौरान एक युवक ने उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया। धक्का लगने से अधिकारी असंतुलित होकर जमीन पर गिर पड़े। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और युवक को पकड़ लिया।
छह लोगों को हिरासत में लिया
अधिकारी के साथ हुई धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने तत्काल युवक को हिरासत में ले लिया। हंगामे और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में पुलिस ने कुल छह लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सरकारी काम में बाधा डालने या पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
80 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे तैनात
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए 80 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था। वहीं, नगर निगम के 100 से अधिक कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

