Samachar Nama
×

आरटीई के तहत लाखों बच्चों के लिए खुले निजी स्कूलों के दरवाजे

लखनऊ, 14 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।
आरटीई के तहत लाखों बच्चों के लिए खुले निजी स्कूलों के दरवाजे

लखनऊ, 14 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।

प्रदेश में आरटीई के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय चरण में मिलाकर 1.5 लाख से अधिक छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 1.09 लाख सीटों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि द्वितीय लॉटरी में 47 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है। इस प्रकार बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग के बच्चों तक पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन सत्यापित किए गए। आरटीई के तहत सर्वाधिक प्रवेश लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जनपदों में हुए हैं, जहां हजारों बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिला है।

इसी प्रकार अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, फीरोजाबाद और बरेली जैसे जिलों में भी हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला है। बता दें कि आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी का कहना है कि आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया के आगामी चरण भी जल्द पूरे किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके। सर्वाधिक प्रवेश वाले जनपद लखनऊ लॉटरी-1: 12,097 लॉटरी-2: 3,489 कुल: 15,586 सीटें कानपुर नगर लॉटरी-1: 7,128 लॉटरी-2: 1,822 कुल: 8,950 सीटें वाराणसी लॉटरी-1: 7,140 लॉटरी-2: 989 कुल: 8,129 सीटें आगरा लॉटरी-1: 4,989 लॉटरी-2: 1,771 कुल: 6,760 सीटें मुरादाबाद लॉटरी-1: 4,080 लॉटरी-2: 1,890 कुल: 5,970 सीटें अलीगढ़ लॉटरी-1: 4,172 लॉटरी-2: 1,189 कुल: 5,361 सीटें *बुलंदशहर लॉटरी-1: 3,761 लॉटरी-2: 1,584 कुल: 5,345 सीटें मेरठ लॉटरी-1: 3,691 लॉटरी-2: 1,235 कुल: 4,926 सीटें गाजियाबाद लॉटरी-1: 3,540 लॉटरी-2: 1,350 कुल: 4,890 सीटें हैं।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी

Share this story

Tags