आरएसएस से सीधा जुड़ाव नहीं, फिर भी उनके निस्वार्थ और जमीनी कार्यों ने जीवन-दृष्टि को बदल दिया : उद्यमी ब्रिंदा कोटक
मुंबई, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रकाशित पुस्तक 'हंड्रेड ईयर्स यंग: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ' को लेकर उद्यमी और लेखिका ब्रिंदा कोटक ने संघ के कार्य-दर्शन पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भले ही उनका परिवारिक या व्यक्तिगत तौर पर आरएसएस से कोई सीधा नाता नहीं रहा, लेकिन संघ के निस्वार्थ और जमीनी कार्यों ने उनकी जीवन-दृष्टि को बदल दिया।
उन्होंने संघ की सबसे बड़ी खूबी बताते हुए कहा कि आरएसएस प्रचार नहीं, बल्कि केवल काम पर ध्यान देता है और वह एक ऐसे सशक्त भारत की कल्पना के लिए कार्य कर रहा है, जहां एक दिन उसकी खुद की भी आवश्यकता न रहे।
'हंड्रेड ईयर्स यंग: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ' पुस्तक पर उद्यमी ब्रिंदा कोटक ने कहा, "मैं इस पुस्तक का हिस्सा बनकर बहुत आभारी हूं और मैं युवाओं के चयन से बहुत खुश हूं, जिन्हें इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से आरएसएस के बारे में अपने विचार और दृष्टिकोण देने के लिए चुना गया है, क्योंकि मेरे जैसे लोग भी हैं जिनका वास्तव में आरएसएस से कोई सीधा संबंध नहीं है, पारिवारिक रूप से या अन्यथा।"
उन्होंने कहा कि लेकिन फिर भी हम आरएसएस जो करता है, उससे बहुत प्रेरित हैं, हम उनके जमीनी स्तर पर किए जाने वाले कार्यों से बहुत प्रेरित हैं और इसने मेरे जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। मैं सैकड़ों, हजारों और लाखों अन्य युवाओं की ओर से बोल सकती हूं, जिन पर आरएसएस ने सकारात्मक प्रभाव डाला है।
उद्यमी ब्रिंदा कोटक ने कहा, "मेरे लिए, व्यक्तिगत रूप से, आरएसएस ने जो किया है, वह है कई चीजों के बारे में मेरी मानसिकता को बदलना। मैं इसके बारे में किताब में भी लिखती हूं। लेकिन, एक अहम बात जो आरएसएस ने मुझे सिखाई है, वह है अपने आप से परे किसी चीज के लिए काम करना। हमने यह हमेशा सुना था। इसके बारे में हमेशा पढ़ा था, लेकिन वास्तव में इसे आरएसएस के माध्यम से काम के रूप में देखना एक अलग अनुभव था।"
उन्होंने कहा कि वे ऐसी दुनिया की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें भारत का हर नागरिक इतना सशक्त हो कि आरएसएस या आरएसएस जैसी किसी संस्था की आवश्यकता ही न रहे। मुझे लगता है कि यह अविश्वसनीय है। मुझे और हम सबको आरएसएस से एक शिकायत यह है कि हमें उनके बारे में ज्यादा पता नहीं है। वो बहुत कुछ कर रहे हैं, लेकिन हमें उनके बारे में बहुत कम जानकारी है। इसका कारण ये है कि उनका ध्यान कभी भी किसी तरह का मैसेज देने या विचारधार का प्रसार करने पर नहीं है। उनका फोकस काम करने पर है।
पीएम मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर उद्यमी ब्रिंदा कोटक ने कहा, "यह शानदार है। 2014 में, पीएम मोदी के चुने जाने से ठीक पहले, हम भारतीय राजनीति और भारतीय राजव्यवस्था और वैश्विक मंच पर भारत को लेकर जिस तरह की बातचीत कर रहे थे और अब हम जो बातचीत कर रहे हैं, उसे देखिए। दुनिया में भारत की स्थिति, दुनिया में भारत का सम्मान, दुनिया में भारत की आर्थिक शक्ति पूरी तरह से बदल गई है।"
उन्होंने कहा कि मैं उस अंतर को स्पष्ट रूप से देख सकती हूं और मेरे आसपास हर कोई, मेरी उम्र के आसपास का हर युवा उस अंतर को देख सकता है और हम इसे महसूस कर सकते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि वास्तव में कितना बदलाव आया है, क्योंकि 2014 में हम जो बातचीत कर रहे थे और अब हम जो बातचीत कर रहे हैं, उससे बिल्कुल अलग है।
वहीं, सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन पर उद्यमी ब्रिंदा कोटक ने कहा, "सबसे पहले मैं कहना चाहूंगी कि विरोध करना सभी का अधिकार है और सभी को, विशेषकर युवाओं को, अपने इस अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। लेकिन इसके पीछे एक उद्देश्य होना चाहिए। यह सही मानसिकता के साथ, सही अनुमतियों के साथ और सही अधिकारों के साथ किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण रहे हैं, विशेषकर वर्तमान माहौल में, जहां उन सीमाओं का सम्मान नहीं किया गया। मैं हमारे युवाओं से यह कहना चाहूंगी कि वे हमारे समाज और देश को तोड़ने पर ध्यान केंद्रित न करें, बल्कि निर्माता बनने और समाज के प्रति उत्पादक होने और समाज के निर्माण पर ध्यान दें।
--आईएएनएस
केके/एबीएम

