आरएसएस प्रमुख लव जिहाद और संस्कारों की परिभाषा स्पष्ट करे: रामजी लाल सुमन
नई दिल्ली, 4 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लव जिहाद और संस्कारों को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि संस्कारों की उनकी परिभाषा क्या है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश को तोड़ना, मुसलमानों की नीयत पर संदेह करना और समाज में आपसी कलह पैदा करना ही संस्कार कहलाता है।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर किसी हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की या मुस्लिम लड़के और हिंदू लड़की के बीच प्रेम हो जाता है, तो उसे लव जिहाद कैसे कहा जा सकता है? उन्होंने कहा कि आरएसएस को निरर्थक बयानबाजी छोड़कर अपने मिजाज में सुधार करना चाहिए और सामाजिक सद्भाव के लिए काम करना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि संघ को अस्पृश्यता के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। सपा सांसद ने आरोप लगाया कि आरएसएस का एकसूत्रीय कार्यक्रम समाज में नफरत फैलाना है और यही उनके तथाकथित संस्कार हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हिंदू या मराठी मेयर वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामजी लाल सुमन ने इसे पागलपन करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां जनता तय करती है कि कौन मेयर बनेगा। उन्होंने सवाल किया कि देवेंद्र फडणवीस कौन होते हैं यह तय करने वाले कि मेयर हिंदू होगा या मराठी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल बेतुके हैं, बल्कि देश के संविधान के भी खिलाफ हैं। मेयर के चयन में हिंदू-मुसलमान का सवाल कहां से आ गया, यह समझ से परे है।
बीसीसीआई द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने के निर्देश पर सपा सांसद ने कहा कि क्रिकेट से जुड़े फैसले लेने के लिए एक निर्धारित समिति होती है और यह उसी का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निर्णय विशेषज्ञों और संबंधित समितियों को ही लेने चाहिए।
रामजी लाल सुमन ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की कार्रवाई को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने इसे अमेरिका की दादागिरी करार देते हुए कहा कि यह किसी भी संप्रभु देश की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के इस तरह के आचरण ने पूरी दुनिया के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और इस पर विराम लगने की जरूरत है।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत का आंतरिक मामला था, लेकिन अमेरिका बार-बार यह दावा करता रहा कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता कराया। उन्होंने कहा कि इस दावे पर भारत की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। रामजी लाल सुमन ने आरोप लगाया कि दुनिया के विभिन्न देशों में अमेरिका की दखलंदाजी लगातार बढ़ रही है, जो वैश्विक शांति के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पूरी दुनिया के लिए विचारणीय है और सभी देशों को इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
--आईएएनएस
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