आरएसएस पर कर्नाटक के मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया की टिप्पणी का सीपीआई सांसद ने किया समर्थन
नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर कर्नाटक सरकार में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया की टिप्पणी का सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने समर्थन किया है। उन्होंने सोमवार को आरएसएस को राष्ट्र-विरोधी संगठन बताया और कहा कि यह आधुनिक लोकतंत्र और आधुनिक समाज के लिए उपयुक्त नहीं है।
सीपीएम सांसद पी. संदोष ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आरएसएस एक राष्ट्र-विरोधी संगठन है। इसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलनों में कभी हिस्सा नहीं लिया, जबकि इसकी स्थापना 1925 में ही हो गई थी। और अगर आप ध्यान से देखें, तो आरएसएस की विचारधारा बिल्कुल साफ है कि यह आधुनिक समय के अनुकूल नहीं है। असल में आरएसएस ही इस एनडीए सरकार की रीढ़ है। यह भाजपा को नियंत्रित करता है। आरएसएस को भारत के संघवाद में कभी भरोसा नहीं रहा। इसने भारत के तिरंगे को कभी महत्व नहीं दिया और यह आधुनिक लोकतंत्र व आधुनिक समाज के लिए उपयुक्त नहीं है।"
पी. संदोष ने केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर के बयान पर भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान 'वंदे मातरम' से परहेज को लेकर हमला बोला था।
सीपीएम सांसद ने कहा, "राजीव चंद्रशेखर के बयान से यह बिल्कुल साफ है कि भाजपा का असली मकसद देश को धर्म के आधार पर बांटना और समाज में ध्रुवीकरण को और बढ़ाना था। इसीलिए अचानक यह मुस्लिम कनेक्शन वाली बात सामने आई। मुस्लिम लीग के नाम पर किसी सरकार पर आरोप लगाने का क्या मतलब है? इससे उनकी सोच का पता चलता है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने हमेशा 'वंदे मातरम' गीत का समर्थन किया है, खासकर इसके दो छंदों का। लेकिन इसे देश को बांटने का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। और राजीव चंद्रशेखर के बयान से यह बात बिल्कुल साफ है।"
प्रधानमंत्री मोदी की 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर राजनीति के बीच सीपीएम सांसद ने कहा, "हम सभी लोग 'दिमागी नक्सली' हैं। प्रधानमंत्री विपक्ष के नेताओं की छवि खराब करना चाहते हैं। जो लोग उनकी सरकार का विरोध करते हैं, उन्हें 'दिमागी नक्सल' कहा जाता है।" उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में 'दिमाग नक्सल' वालों की यह संख्या और बढ़ेगी।
--आईएएनएस
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