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रोहिणी आचार्य के तिरस्कार पर जदयू विधायक कोमल सिंह बोलीं, महिलाएं कोमल होती हैं, कमजोर नहीं

पटना, 17 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में रोहिणी आचार्य प्रकरण सामने आने के बाद एनडीए के घटक दल राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। गायघाट से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक कोमल सिंह ने कहा कि महिलाएं कोमल होती हैं, लेकिन कमजोर नहीं।
रोहिणी आचार्य के तिरस्कार पर जदयू विधायक कोमल सिंह बोलीं, महिलाएं कोमल होती हैं, कमजोर नहीं

पटना, 17 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में रोहिणी आचार्य प्रकरण सामने आने के बाद एनडीए के घटक दल राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। गायघाट से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक कोमल सिंह ने कहा कि महिलाएं कोमल होती हैं, लेकिन कमजोर नहीं।

विधायक कोमल सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "बिहार की बेटियों को आज शक्ति मिली है। महिलाओं का सशक्तिकरण हो, रोजगार हो या महिलाओं के घर से निकलने की बात, ये सभी एनडीए सरकार की देन है।"

लालू यादव के बेटी रोहिणी आचार्य वाले प्रकरण पर उन्होंने कहा, "यह राजद का मामला है। मैं भी एक महिला हूं, जब मैं चुनाव लड़ रही थी तो काफी कटाक्ष किया जा रहा था। बेटा हो या बेटी को सभी को एक समान सम्मान मिलना चाहिए। महिलाओं को हमेशा आगे बढ़ाना चाहिए। बिहारवासी बेटी को सम्मान देते हैं और इसी का प्रमाण है कि आज बेटी जीतकर आई है। किसी भी महिला का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि महिलाएं कोमल होती हैं, कमजोर नहीं।"

उन्होंने कहा, "एनडीए की प्रचंड जीत पर मैं सभी बिहारवासियों को बधाई देना चाहूंगी, क्योंकि सभी ने मिलकर बहुत ही अच्छा फैसला लिया है। जैसे हमारा देश आगे बढ़ रहा है, वैसे ही बिहार भी आगे बढ़ रहा है। मेरा पूरा विश्वास था कि हर एक बिहारवासी जात-पात से ऊपर उठकर बिहार के विकास के लिए वोट करेगा। इसी का परिणाम है कि बिहार में एनडीए सरकार की प्रचंड बहुमत से वापसी हुई है।"

दरअसल, चुनाव परिणाम के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने साथ हुई बदसलूकी की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं, करोड़ों रुपए लिए, टिकटलिया, तब अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवाई।

उन्होंने ये भी कहा कि सभी शादीशुदा बेटी-बहन से मैं बोलूंगी कि अगर मायके में कोई बेटा-भाई हो तो भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को न बचाएं। अपने भाई से बोलें कि वह अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे।"

उन्होंने लिखा, "सभी बहनें पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे, अपना काम, अपना ससुराल देखें, सिर्फ अपने बारे में सोचें। मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से इसकी अनुमति ली। अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी न करें। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी न हो।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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