जनवरी महीने में रोडवेज के झालावाड़ डिपो की रोजाना की औसत आय 4.82 लाख रुपए दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस के मुखबिर गिरोह के खुलासे के बाद शनिवार को यह आय 9.55 लाख रुपए तक पहुंच गई, यानी दोगुनी। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने अधिकारियों और आम लोगों दोनों को चौंका दिया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने डिपो में हो रहे गड़बड़ियों और अवैध लेन-देन के खुलासे के लिए मुखबिर गिरोह की मदद ली। इस कार्रवाई के बाद डिपो में ट्रैफिक और टिकटिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी, जिससे डिपो की वास्तविक आमदनी स्पष्ट रूप से सामने आई।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि जनवरी में डिपो में कमाई का आंकड़ा औसत था, लेकिन शनिवार को हुई कार्रवाई और खुलासे के बाद टिकटिंग और बस संचालन में सुधार के कारण आमदनी दोगुनी हो गई। डिपो प्रबंधन ने कहा कि यह बढ़ोतरी पुलिस और कर्मचारियों की संयुक्त सतर्कता का परिणाम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन के डिपो में आमदनी में इस तरह की वृद्धि यह दर्शाती है कि निगरानी और पारदर्शिता से वित्तीय लेन-देन को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुखबिर गिरोह की मदद से गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की जानकारी मिलना राज्य के अन्य डिपो के लिए भी सीखने योग्य है।
डिपो कर्मचारियों का कहना है कि खुलासे के बाद सिस्टम में सुधार और ट्रांसपेरेंसी के कारण यात्री सुविधा भी बेहतर हुई। उन्होंने कहा कि यात्रियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया अब अधिक सकारात्मक है और बस सेवा में भरोसा बढ़ा है।
पुलिस ने इस मौके पर कहा कि डिपो में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-समय पर निगरानी जारी रहेगी। अधिकारियों ने नागरिकों और कर्मचारियों से सहयोग की अपील की है ताकि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की निगरानी और सुधार के लिए यह मामला एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे खुलासे डिपो और बस सेवा में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक लेन-देन को भी सुधारते हैं।
कुल मिलाकर, झालावाड़ रोडवेज डिपो की आय में अचानक दोगुनी वृद्धि ने यह साबित कर दिया कि निगरानी, मुखबिर गिरोह और पारदर्शी संचालन से सरकारी संस्थानों में वित्तीय सुधार संभव है। अधिकारियों का कहना है कि इस सफलता का लाभ अन्य डिपो और राज्य के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में भी लिया जाएगा।

