राजद का वर्तमान नेतृत्व राजनीतिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह खत्म : पप्पू यादव
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की जीत में जेन-जी की भूमिका रही है। राजद का वर्तमान नेतृत्व राजनीतिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसलिए भाजपा को हराने के लिए जनता के पास दूसरा विकल्प नहीं बचा था।
सांसद पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत पर आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "बिहार में विपक्ष का खत्म हो जाना और जेन-जी को लगातार गाली देना और पटना में पीटने जैसे घटनाक्रम इस जीत (प्रशांत किशोर की जीत) का कारण हैं।"
उन्होंने कहा, "लोगों को विकल्प दिखा और दूसरा अन्य विकल्प नहीं होना भी इस जीत की वजह है। जेन-जी को लगा कि कहां वोट दें, जिससे भाजपा को हराया जा सके। इसलिए यादव-मुस्लिम क्यों एकतरफा वोट किसी और व्यक्ति (प्रशांत किशोर) को दे सकता है, जिसका कोई सामाजिक सरोकार नहीं, किसी संघर्ष में भूमिका नहीं। यही कारण है कि लोगों के पास भाजपा को हराने के लिए विकल्प नहीं था।"
पप्पू यादव ने कहा, "राजद का वर्तमान नेतृत्व राजनीतिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह खत्म हो चुका है। राजद के नेतृत्व की सोच बिल्कुल भी आम आदमी की तरह नहीं रही है। इसलिए जनता के पास बांकीपुर में ज्यादा विकल्प नहीं थे।"
संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन और सनातन धर्म के अपमान के आरोपों पर पप्पू यादव ने कहा, "गोविंद गिरी ने किस हैसियत से साधु की वेशभूषा पहनी। हमने सिर्फ गोविंद गिरी का एक नाटक किया। रंग किसी जाति-धर्म का नहीं होता है। तिरंगा में केसरिया और हरे रंग हैं।"
पप्पू यादव ने कहा, "राम मंदिर के चढ़ावे में शुरू से ही चोरी चल रही थी। जमीन बेच दी गई। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी पर कितने आरोप हैं। ऐसे व्यक्तियों ने मंदिर की आस्था के साथ खिलवाड़ किया। क्या उन मुद्दों को लेकर खड़ा नहीं होना चाहिए।"
सांसद ने साधु-संतों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "अपराधी कालनेमी संतगला काट रहे हैं और मार रहे हैं। हम भगवान के साथ रहें और सनातन के साथ सनातनियों को बचाएं या अपराधी प्रवृत्ति के साधु को देखें। हम शंकराचार्य के साथ हैं। सही साधुओं का सम्मान करते हैं। लेकिन लूटने और बलात्कार करने वाले साधुओं के साथ नहीं हैं।"
--आईएएनएस
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