ऋषभ रिखीराम शर्मा पंडित रविशंकर के आखिरी शिष्य नहीं, संगीत संस्थान ने जारी किया बयान
मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। युवा सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा और अनुष्का शंकर के बीच, सितार वादक और संगीतज्ञ रहे पंडित रविशंकर के आखिरी शिष्य होने के दावे के बीच बहस जारी है। ऋषभ का कहना है कि गुरु ने उन्हें अपना आखिरी शिष्य माना था। उन्होंने यह दावा हाल ही में हुए आयोजन में किया था, जिसका विरोध खुद दिवंगत पंडित रविशंकर की बेटी अनुष्का शंकर ने किया। उन्होंने ऋषभ की बातों को झूठा बताया।
अब खुद पंडित रविशंकर के आधिकारिक संगीत संस्थान ने ऋषभ को आखिरी शिष्य मानने से इनकार किया है और इस संबंध में कुछ तथ्य भी पेश किए हैं।
पंडित रविशंकर के आधिकारिक संगीत संस्थान ने विवादों पर विराम लगाते हुए कहा है कि भले ही ऋषभ रिखीराम शर्मा को पंडित रविशंकर संगीत की कुछ कक्षाएं दीं, लेकिन कभी औपचारिक रूप से उन्हें अपना आखिरी शिष्य नहीं माना। जवाब में कहा गया' समारोह न तो औपचारिक रूप से आयोजित किया गया था और न ही पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार किसी पुजारी की उपस्थिति में ऐसी कोई घोषणा हुई है। गुरुजी ने ऋषभ को कोई औपचारिक दीक्षा प्रवचन नहीं दिया और न ही उस दिन कई घंटों का शिक्षण कार्य किया।
संगीत संस्थान की तरह से कहा गया, 10 फरवरी 2012 को, गुरुजी व्हीलचेयर पर ऋषभ के संगीत कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने ऋषभ का दर्शकों से परिचय कराने की सहमति दी और ऐसा करते हुए कहा, "अभी-अभी यह नया, अद्भुत युवा लड़का मेरा शिष्य बना है और मैंने अभी उसे कुछ पाठ पढ़ाए हैं।" न तो उस संगीत कार्यक्रम में और न ही उसके बाद कभी गुरुजी ने ऋषभ को अपना शिष्य कहा। ऋषभ को शिक्षा और संगीत प्रशिक्षण परिमल सदाफल के मार्गदर्शन में मिला था।
संगीत संस्थान के बयान के बाद यह साफ है कि पंडित रविशंकर के सबसे छोटे शिष्य शुभेंद्र राव और अनुष्का शंकर हैं, जिन्होंने चार और सात साल की उम्र से उनसे दीक्षा ली थी। उनके अंतिम शिष्य निषाद गाडगिल और डॉ. स्कॉट आइजमैन थे। स्पष्टीकरण के बाद युवा सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा के दावे गलत साबित हो गए हैं। युवा सितार वादक ऋषभ रिखीराम को क्लासिकल गानों को मॉर्डन अंदाज में गाने के लिए जाना जाता है और उनका 'शिव कैलाशों के वासी' काफी पॉपुलर हुआ था।
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