रिटायरमेंट से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, रक्षामंत्री ने दी विदाई
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। 'ऑपरेशन सिंदूर' में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह शनिवार को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। सेवानिवृत्ति से पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पत्नी सरिता सिंह के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को एक समारोह में सम्मानपूर्वक विदाई दी।
वायुसेना प्रमुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन गए। इस दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की। गौरतलब है कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को 42 वर्षों की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को एक समारोह में सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने राष्ट्र के प्रति उनके लंबे समर्पण, विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय नेतृत्व की सराहना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना को मजबूत बनाने में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के योगदान को विशेष रूप से याद किया।
उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के सफल संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व और अनुभव ने भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। राजनाथ सिंह ने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। सेवानिवृत्ति से पहले 31 अक्टूबर को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का एक औपचारिक विदाई कार्यक्रम होगा। इस दौरान वह सबसे पहले राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वायुसेना स्टेशन, नई दिल्ली में वह औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे।
इसी के साथ भारतीय वायुसेना में उनके 42 वर्षों के गौरवशाली सेवाकाल का समापन होगा। वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने 28 जनवरी 1984 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। इसके बाद भारतीय वायुसेना में चार दशकों से अधिक समय तक उनका संबंध लड़ाकू विमानों के साथ रहा। उन्होंने अपनी उड़ान यात्रा के समापन के लिए किरण एमके-1 विमान को चुना था। इस विमान से उनका पुराना जुड़ाव भी रहा है, क्योंकि यह भारतीय वायुसेना के पायलटों को प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख विमानों में शामिल है।
गौरतलब है कि गुरुवार को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की थी। यह मुलाकात को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में हुई। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह इसी महीने सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं, ऐसे में यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब एपी सिंह भारतीय वायुसेना में अपनी जिम्मेदारी के अंतिम चरण में हैं। दरअसल वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह नेतृत्व में वायुसेना ने ऑपरेशनल तैयारियों, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपनी तैयारियों पर लगातार फोकस किया है।
उन्होंने भारतीय वायुसेना में रहकर 42 वर्षों तक देश की सेवा की है। इस लंबी सेवा के बाद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अब रिटायर हो रहे हैं। सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है। वह 31 अक्टूबर को पदभार संभालेंगे। सेवानिवृत्ति से पहले एपी सिंह ने 20 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के किरण प्रशिक्षण विमान में अपनी अंतिम उड़ान भी भरी थी। इस दौरान उनके साथ उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक, सेवानिवृत्त विंग कमांडर वी.एस. कोचर भी मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में अपनी अंतिम लड़ाकू उड़ान भरी थी।
--आईएएनएस
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