रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर भड़के संजय राउत, बोले- सरकार डरी हुई है
मुंबई, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी प्रदर्शनी से जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और कथित पुलिस बर्बरता से जुड़ी तस्वीरें हटाए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे कलाकार की अभिव्यक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए रेहान वाड्रा को मुंबई में अपनी प्रदर्शनी आयोजित करने का न्योता दिया।
संजय राउत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा एक बेहतरीन फोटोग्राफर हैं और कमर्शियल फोटोग्राफी भी करते हैं। दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित प्रदर्शनी से अचानक लगभग 70 से 75 तस्वीरें हटा दी गईं। हटाई गई तस्वीरें जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन और तिरंगा आंदोलन के दौरान कथित पुलिस बर्बरता से संबंधित थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक युवा कलाकार की प्रदर्शनी में लगी तस्वीरों को इस तरह हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।
राउत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार के शासन में युवा कलाकारों की अभिव्यक्ति को दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है। दुनिया भर में संघर्ष और हिंसा से जुड़ी घटनाओं की तस्वीरें प्रदर्शित की जाती हैं, इसलिए ऐसी तस्वीरों को प्रदर्शनी से हटाना उचित नहीं है। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि इस कार्रवाई से सरकार का डर और कथित तानाशाही वाला रवैया उजागर हुआ है। इससे रेहान वाड्रा का नुकसान नहीं हुआ, बल्कि लोगों को देश में चल रही परिस्थितियों के बारे में जानने का अवसर मिला।
संजय राउत ने आगे कहा कि वे स्वयं रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी देखने जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दिल्ली में तस्वीरों की प्रदर्शनी नहीं लगाई जा सकती, तो मुंबई में इसका आयोजन किया जाएगा।
बता दें कि यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल फोटो प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' से 70 से अधिक तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में रेहान वाड्रा ने कहा कि उन्होंने बीकानेर हाउस की राजनीतिक सामग्री संबंधी नीति का पालन करते हुए ही तस्वीरों का चयन किया था। प्रदर्शनी में कोई राजनीतिक नारे नहीं थे और राजनीतिक नेताओं की तस्वीरें भी बहुत कम थीं। शुरुआत में उन्हें कुछ तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया था और उन्होंने सहयोग की इच्छा भी जताई थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि कोई आपत्ति है तो चार या पांच तस्वीरें हटाई जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए कारण बताया जाए। रेहान का आरोप है कि उन्हें कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया और बाद में पूरी प्रदर्शनी से 70 तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया।
--आईएएनएस
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