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विजय देवरकोंडा ने शादी को खास बनाने वाली तीन महिलाओं को कहा थैंक्स, ज्वेलरी को बताया सपनों से भी ज्यादा खूबसूरत

मुंबई, 26 मार्च (आईएएनएस)। उदयपुर में 26 फरवरी को शादी करने के बाद से ही रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा सोशल मीडिया का सबसे चर्चित कपल बन चुके हैं। इस बीच अभिनेता ने अपनी शादी में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाली तीन महिलाओं को याद किया है।
विजय देवरकोंडा ने शादी को खास बनाने वाली तीन महिलाओं को कहा थैंक्स, ज्वेलरी को बताया सपनों से भी ज्यादा खूबसूरत

मुंबई, 26 मार्च (आईएएनएस)। उदयपुर में 26 फरवरी को शादी करने के बाद से ही रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा सोशल मीडिया का सबसे चर्चित कपल बन चुके हैं। इस बीच अभिनेता ने अपनी शादी में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाली तीन महिलाओं को याद किया है।

विजय देवरकोंडा ने शादी के एक महीने बाद शादी की सारी जिम्मेदारी संभालने वाली महिलाओं को स्पेशल थैंक्स कहा है, जिसमें उनकी वेडिंग प्लेनर, करीबी दोस्त ऐश्वर्या और उन्हें गहनों से सजाने वाली डिजाइनर शामिल हैं। अभिनेता ने तीनों को लेकर बहुत खूबसूरत बातें लिखी हैं और शादी को यादगार बनाने का श्रेय भी दिया। विजय देवरकोंडा ने पहले अपनी दोस्त ऐश्वर्या को दिल से धन्यवाद दिया।

उन्होंने लिखा, "बिना कहे ही वो शादी का फैसला करने के पल से ही मेरे साथ थी, ताकि मैं और रुशी खूब मजे कर सकें। घूमने-फिरने से लेकर जगह चुनने, खाना चखने, खूब मस्ती करने, कपड़े खरीदने से लेकर गहने, निमंत्रण पत्र, सजावट, यात्रा—हर काम में वो हम दोनों के साथ थीं।" अभिनेता ने अपनी दोस्त को शुक्रिया कहने के लिए भी अनोखा तरीका निकाला। अभिनेता ने तय किया कि वो रिसेप्शन में जो भी पहनेंगे वो सब उनकी दोस्त के होंगे। उन्होंने रिसेप्शन के दिल ऐश्वर्या की पायल को गले का हार और कंगन बनाकर पहना था, ताकि वे उन्हें हमेशा याद रख सकें।

विजय देवरकोंडा ने ज्वेलरी डिजाइनर अर्पिता और वेडिंग प्लानर प्रिया का भी दिल से धन्यवाद दिया। अभिनेता के मुताबिक दोनों के बिना यह शादी इतने अच्छे तरीके से हो पाना बहुत मुश्किल था। उन्होंने वेडिंग प्लानर प्रिया से कहा है कि फैमिली में भविष्य में होने वाले सभी फंक्शन वहीं करेंगी।

देवरकोंडा ने ज्वेलरी डिजाइनर अर्पिता की भी तारीफ की, क्योंकि अर्पिता ने इन ज्वेलरी डिजाइनों को तराशा जो अभिनेता के दिमाग में थे। उन्होंने लिखा, "मैंने उनसे कभी भी 'असंभव' शब्द नहीं सुना—मैंने उनसे वो चीजें मांगीं जो मेरे दिमाग में थीं और जिन्हें कोई बना भी नहीं रहा था और उन्होंने सबसे खूबसूरत स्केच बनाए, जो मेरे सपनों से भी कहीं ज्यादा कलात्मक थे।"

--आईएएनएस

पीएस/वीसी

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