आरबीआई ने रवि शंकर को बनाया नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, 1 जुलाई से प्रभावी हुई नियुक्ति
नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रवि शंकर को नया एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। आरबीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर इस नियुक्ति की जानकारी दी।
इस पद पर पदोन्नति से पहले रवि शंकर आरबीआई के सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग (डीएसआईएम) में एडवाइजर-इन-चार्ज के रूप में कार्यरत थे।
आरबीआई के अनुसार, रवि शंकर एक अनुभवी केंद्रीय बैंकिंग सांख्यिकीविद् हैं और उन्हें रिजर्व बैंक में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कॉरपोरेट और बैंकिंग सांख्यिकी, सरकारी प्रतिभूति बाजार, सेटलमेंट सिस्टम, ऋण प्रबंधन और विभिन्न आर्थिक सर्वेक्षणों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है।
इसके अलावा, वह मैक्रोइकोनॉमिक सांख्यिकी और नीतिगत मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण समितियों और कार्य समूहों के सदस्य भी रह चुके हैं।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में रवि शंकर सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग (डीएसआईएम) की जिम्मेदारी संभालेंगे। खास बात यह है कि जिस विभाग का नेतृत्व वह पहले एडवाइजर-इन-चार्ज के रूप में कर रहे थे, अब उसी विभाग की निगरानी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर करेंगे।
आरबीआई ने कहा कि उनके व्यापक अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता से विभाग के कामकाज को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रवि शंकर ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से सांख्यिकी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ (आईईजी), दिल्ली से डेवलपमेंट पॉलिसी एंड प्लानिंग में डिप्लोमा किया है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (आईआईबीएफ) के सर्टिफाइड एसोसिएट (सीएआईआईबी) भी हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी

