बारिश के साए में रावण दहन: MP के कई जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, आयोजकों ने वॉटरप्रूफ कवर और पन्नी से ढके पुतले
मध्य प्रदेश में विजयादशमी के उत्सव पर मौसम ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई है। ऐसे में भोपाल से लेकर इंदौर तक दशहरा आयोजकों की नजर आसमान पर टिकी हुई है। बारिश से रावण के पुतलों को बचाने के लिए भोपाल में कलाकारों ने उन्हें पॉलीथिन शीट से ढक दिया है, ताकि शाम को होने वाले दहन कार्यक्रम में किसी तरह की परेशानी न आए।
25 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, खंडवा, बैतूल, देवास, शाजापुर, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, शिवपुरी, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर समेत करीब 25 जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे या इससे अधिक हो सकती है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों में होने वाले दशहरा आयोजनों, विशाल पुतलों और आतिशबाजी की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी जिला स्तर पर चेतावनियां जारी की हैं।
बारिश से बचाने के लिए पॉलीथिन में ढके रावण
भोपाल में इस बार विशाल रावण के पुतलों का दहन आकर्षण का केंद्र रहने वाला है, लेकिन बारिश ने कलाकारों और आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुतलों को भीगने से बचाने के लिए उन पर पॉलीथिन की चादरें चढ़ाई गई हैं।दरअसल, बारिश में पुतले गीले होने से उनके दहन में परेशानी आ सकती है। इससे पहले भी खराब मौसम के कारण दशहरा आयोजनों पर असर पड़ चुका है। ऐसे में इस बार आयोजक पहले से ही एहतियाती कदम उठा रहे हैं।
भोपाल में 105 फीट तक ऊंचे रावण का होगा दहन
राजधानी भोपाल में दशहरे पर कई बड़े आयोजन होने हैं। कोलार में 105 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन प्रस्तावित है। यहां आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।वहीं, जंबूरी मैदान में 101 फीट ऊंचे रावण के दहन की तैयारी है। इस आयोजन में ड्रोन से पुष्पवर्षा और आतिशबाजी आकर्षण का हिस्सा होंगे। इसके अलावा कलियासोत दशहरा मैदान में 90 फीट ऊंचे रावण और 85 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया जाएगा। यहां लेजर शो की भी तैयारी है।इन सभी आयोजनों के बीच बारिश और तेज हवाओं की आशंका ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है।
इंदौर में 250 फीट ऊंची लंका का दहन
इंदौर में भी दशहरे का उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। प्रसिद्ध दशहरा मैदान में शाम 7 बजे रावण के साथ 250 फीट ऊंची लंका के दहन का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके लिए कलाकारों ने रावण के दस सिर तैयार किए हैं और आतिशबाजी की भी व्यवस्था की गई है।हालांकि, इंदौर भी बारिश की संभावना वाले जिलों में शामिल है। ऐसे में मौसम की स्थिति कार्यक्रम की तैयारियों और आयोजन पर असर डाल सकती है।
चार दिनों से बारिश, 23 अक्टूबर तक मिल सकते हैं बादल
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले चार दिनों से बारिश और आंधी का दौर जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, गुना में एक दिन के दौरान करीब 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई है।मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के पीछे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ को प्रमुख कारण बताया है। कुछ इलाकों में 23 अक्टूबर तक बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
आयोजकों के लिए मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
विजयादशमी पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में बारिश और तेज हवाएं न केवल पुतलों के दहन, बल्कि मंच, सजावट और आतिशबाजी की तैयारियों को भी प्रभावित कर सकती हैं।फिलहाल आयोजक पुतलों को सुरक्षित रखने के साथ मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को भी सलाह दी जाती है कि दशहरा कार्यक्रमों में जाने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और आयोजकों की ओर से जारी सूचनाओं की जांच कर लें।

