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राष्ट्रीय आम समागम: बीएयू सबौर में देशभर की 1,000 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी, जर्दालू रहा आकर्षण का केंद्र

राष्ट्रीय आम समागम: बीएयू सबौर में देशभर की 1,000 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी, जर्दालू रहा आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रीय आम समागम: बीएयू सबौर में देशभर की 1,000 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी, जर्दालू रहा आकर्षण का केंद्र

भागलपुर, 27 जून (आईएएनएस)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर, भागलपुर में शनिवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। देशभर से लाई गई एक हजार से अधिक किस्मों के आमों की प्रदर्शनी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।

आम उत्पादक किसानों, वैज्ञानिकों और आम प्रेमियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी से विश्वविद्यालय परिसर पूरी तरह आममय नजर आया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने किया।

इस अवसर पर भागलपुर के सांसद अजय मंडल, विधायक रोहित पांडे, आईसीएआर के सहायक निदेशक (उद्यानिकी) डॉ. विश्वबंधु पटेल, एआईसीआरपी बेंगलुरु के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रकाश पाटिल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने अतिथियों का अंगवस्त्र, जर्दालू आम के पौधे एवं फल भेंटकर स्वागत किया।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में जिस गति से कार्य कर रहा है, उससे बिहार की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी। सांसद अजय मंडल ने कहा कि भागलपुर अब सिल्क सिटी के साथ-साथ जर्दालू सिटी के रूप में भी नई पहचान बना रहा है।विधायक रोहित पांडे ने इस आयोजन को जिले के लिए गौरव का विषय बताया।

कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि सबौर आम अनुसंधान की ऐतिहासिक भूमि रही है। उन्होंने बताया कि विश्व की पहली संकर (हाइब्रिड) आम की किस्म वर्ष 1951 में सबौर में विकसित की गई थी। विश्वविद्यालय के प्रयासों से भागलपुर के जर्दालू आम को जीआई टैग भी प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि बिहार आम उत्पादन में देश में सातवें स्थान से आगे बढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। प्रदर्शनी में जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम, नूरजहां, आइसक्रीम आम, एप्पल मैंगो, लगभग ढाई किलोग्राम वजन वाला गदाधार आम, क्यूज़म मैंगो, काजू आम तथा थाईलैंड की रेड इनोवरी जैसी दुर्लभ किस्में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। वहीं जर्दालू, केसर, फाजली, मालदह, हिमसागर, गुलाबखास और आम्रपाली सहित कई देसी किस्मों को भी प्रदर्शित किया गया है।

इस आयोजन में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के चार उत्कृष्ट आम उत्पादकों को सम्मानित किया गया, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर को उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए सम्मान मिला।

आगंतुक प्रदर्शनी से विभिन्न किस्मों के आम और पौधे भी खरीद सकते हैं। आयोजन का एक अन्य प्रमुख आकर्षण "आम खाओ प्रतियोगिता" है, जिसमें सर्वाधिक आम खाने वाले प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम के दूसरे दिन बिहार के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट सैयद अता हसनैन तथा कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के शामिल होने का कार्यक्रम है। वे उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच

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