गुपचुप यूएई पहुंचे बेंजामिन नेतन्याहू, राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से की मुलाकात
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुपचुप तरीके से संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ी और ऐतिहासिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पोस्ट में बताया गया, ''ऑपरेशन रोरिंग लायन के दौरान, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुपचुप तरीके से संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया, जहां उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस यात्रा से इजरायल और यूएई के संबंधों में एक ऐतिहासिक सफलता मिली है।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने सोमवार को यह टिप्पणी की थी कि इजरायल ने यूएई को अपनी सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 'आयरन डोम' मिसाइल रक्षा प्रणाली की बैटरियां और कुछ कर्मी भेजे थे, जिसे इजरायली अखबार 'इजरायल हयोम' ने प्रमुखता से छापा।
वॉल्टेज के हवाले से रिपोर्ट में लिखा गया कि “हमने देखा कि यूएई ने इजरायल की ओर से उपलब्ध कराए गए आयरन डोम का उपयोग किया।”
इस बात की पुष्टि इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने भी एक कार्यक्रम में की।
उन्होंने तेल अवीव सम्मेलन में कहा, “मैं संयुक्त अरब अमीरात की सराहना करना चाहूंगा, जो अब्राहम समझौते का पहला सदस्य है। इसके लाभ देखे। इजरायल ने उन्हें आयरन डोम बैटरियां और उन्हें संचालित करने के लिए कर्मी भेजे।”
इन बयानों से इजरायल और यूएई के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के संकेत मिलते हैं।
ये बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर गुप्त सैन्य हमले किए। यह दावा वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में किया गया, जिसके मुताबिक अप्रैल में ईरान के लावान द्वीप स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था, जिससे वहां बड़ी आग लगी और उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित रहा।
हमला अप्रैल की शुरुआत में हुआ, उसी समय जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष विराम की घोषणा कर रहे थे। ईरान ने उस समय कहा था, "रिफाइनरी दुश्मन के हमले में क्षतिग्रस्त हुई है।" इसके बाद तेहरान ने यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।
यूएई ने इन हमलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया। हालांकि यूएई विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश को किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब देने का अधिकार है, जिसमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। अमेरिका इस हमले से नाराज नहीं था, क्योंकि उस समय सीजफायर पूरी तरह लागू नहीं हुआ था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी

