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राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर मंडल के प्रतिनिधि से की मुलाकात, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सराहा

राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर मंडल के प्रतिनिधि से की मुलाकात, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सराहा
राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर मंडल के प्रतिनिधि से की मुलाकात, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सराहा

नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में बस्तर मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में बस्तर पांडुम 2026 के विजेता, बस्तर के परगना मांझी और चलाकी तथा पद्म पुरस्कार विजेता शामिल थे।

राष्ट्रपति के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से इस मुलाकात की जानकारी साझा की गई। पोस्ट में लिखा गया, "बस्तर मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें बस्तर पांडुम 2026 के विजेता, बस्तर के परगना मांझी और चलाकी तथा पद्म पुरस्कार विजेता शामिल थे, राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का सम्मान किया और उनसे बातचीत की।" इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि 'बस्तर पांडुम' जैसे आयोजनों ने युवाओं को उनकी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत से फिर से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन सिर्फ संस्कृति को जीवित नहीं रखते, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के कलाकारों, शिल्पकारों और जनजातीय समुदाय की प्रतिभा देश-दुनिया के सामने आने से क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर में आए सकारात्मक बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "बस्तर में आया बदलाव पूरे देश के लिए खुशी और गर्व की बात है।" उन्होंने भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़ के लोग अपनी सामूहिक शक्ति और संकल्प के दम पर विकास, शांति और समृद्धि की नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे।

राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हर स्थिति में बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और स्वरोजगार को प्राथमिकता देकर समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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