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राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख शांताकुमारी का जंतर-मंतर के प्रदर्शनों पर निशाना, वीडियो में बोलीं- युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा ‘दिमागी नक्सलवाद’

राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख शांताकुमारी का जंतर-मंतर के प्रदर्शनों पर निशाना, वीडियो में बोलीं- युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा ‘दिमागी नक्सलवाद’

राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए इन्हें असंवैधानिक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य भारत में अस्थिरता पैदा करना और देश की संस्कृति को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलवाद’ को जहरीले विचारों का खतरनाक और अदृश्य इकोसिस्टम बताते हुए कहा कि यह जेन-जी यानी युवा पीढ़ी का ब्रेनवॉश कर रहा है।शांताकुमारी ने ये बातें 16 अक्टूबर को महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्र सेविका समिति के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। उनके बयान में जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शनों और युवाओं पर उनके कथित प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई।

जंतर-मंतर के प्रदर्शनों को बताया असंवैधानिक

शांताकुमारी ने कहा कि जंतर-मंतर पर लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। उनके मुताबिक, इन प्रदर्शनों को असंवैधानिक कहा जा सकता है। उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत अराजकता का सामना कर रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना और भारतीय संस्कृति को नष्ट करना है। शांताकुमारी के अनुसार, ऐसे प्रदर्शन समाज में रचनात्मक बदलाव लाने के बजाय अशांति बढ़ाने का काम कर रहे हैं।हालांकि, प्रदर्शनों को असंवैधानिक बताने और उनके उद्देश्यों को लेकर लगाए गए ये आरोप शांताकुमारी के विचार हैं। किसी प्रदर्शन की संवैधानिक वैधता का निर्धारण संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर होता है।

‘दिमागी नक्सलवाद’ को बताया खतरनाक इकोसिस्टम

राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख ने अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सलवाद’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यह जहरीले विचारों का सबसे खतरनाक और अदृश्य इकोसिस्टम है। उन्होंने दावा किया कि इसके जरिए युवाओं, विशेषकर जेन-जी, को प्रभावित किया जा रहा है।शांताकुमारी ने कहा कि ऐसे विचार युवाओं और महिलाओं के मन में अशांति पैदा कर रहे हैं और उन्हें भड़काने का काम कर रहे हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए चिंता का विषय बताया।उनके बयान में युवाओं के विचारों, सामाजिक आंदोलनों और देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया। हालांकि, युवाओं के ब्रेनवॉश किए जाने संबंधी उनके दावों के समर्थन में कार्यक्रम के दौरान कोई विस्तृत प्रमाण सामने आने की जानकारी नहीं दी गई।

क्या है राष्ट्र सेविका समिति?

राष्ट्र सेविका समिति एक महिला संगठन है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से वैचारिक रूप से जुड़ा संगठन माना जाता है। वी. शांताकुमारी को शांताक्का के नाम से भी जाना जाता है। वह संगठन की प्रमुख संचालिका हैं।नागपुर में आयोजित वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम में उन्होंने अपने संबोधन के दौरान देश की मौजूदा सामाजिक स्थिति, विरोध प्रदर्शनों और युवाओं पर पड़ने वाले कथित वैचारिक प्रभाव को लेकर अपनी बात रखी।

विरोध प्रदर्शनों को लेकर बहस तेज

जंतर-मंतर दिल्ली में विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन करने का प्रमुख स्थल रहा है। ऐसे प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक और वैरिक मतभेद सामने आते रहे हैं। शांताकुमारी के ताजा बयान ने प्रदर्शनकारियों के उद्देश्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और देश की सामाजिक स्थिरता से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह रहा कि देश में विरोध और सामाजिक गतिविधियों के नाम पर अस्थिरता फैलाने की कोशिशों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, किसी भी प्रदर्शन के उद्देश्य और उसकी वैधता का आकलन संबंधित तथ्यों, आयोजकों के बयानों और कानूनी स्थिति के आधार पर किया जाना चाहिए।

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