‘भूतिया आवाज’ वाला दुर्लभ पक्षी वायरल, विलुप्ति के कगार पर पहुंची प्रजाति ने बढ़ाई चिंता
दुनिया में पक्षियों की हजारों प्रजातियां पाई जाती हैं। कुछ अपनी रंगीन खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं, तो कुछ अपनी उड़ान के लिए मशहूर हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी पक्षी हैं, जो अपनी अजीबोगरीब आवाज के कारण लोगों को चौंका देते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही पक्षी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग ‘भूतिया पक्षी’ कहकर पुकार रहे हैं।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा पक्षी पेड़ की ऊंची डाल पर बैठा है और अचानक ऐसी आवाज निकालता है, जो सुनने में किसी डरावनी या भूतिया ध्वनि जैसी प्रतीत होती है। यही वजह है कि इंटरनेट यूजर्स इसे ‘घोस्ट बर्ड’ का नाम दे रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई अलौकिक प्राणी नहीं, बल्कि एक दुर्लभ और संवेदनशील प्रजाति का पक्षी है।
जानकारों का मानना है कि यह पक्षी दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है और अपनी तीखी, असामान्य पुकार के लिए जाना जाता है। इसकी आवाज का उद्देश्य अपने क्षेत्र की रक्षा करना या साथी को आकर्षित करना होता है, लेकिन अनजान लोगों के लिए यह ध्वनि चौंकाने वाली हो सकती है।
विलुप्ति के कगार पर खड़ा पक्षी 'कागु' अपनी ही प्रजाति से मिलता है। ☺️तब वह आश्चर्य में पड़ जाता है।
— Dr. Sheetal yadav (@Sheetal2242) February 17, 2026
कागु जमीन पर रहने वाला पक्षी है और उड़ने में असमर्थ होता है।
ये एक विशेष भूतिया आवाज निकालता है जिससे कागु को 'भूतिया पक्षी' भी कहा जाता है। pic.twitter.com/OTDnN9YXUM
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लाखों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं। कुछ यूजर्स ने कमेंट में लिखा कि “पहली बार सुनकर रोंगटे खड़े हो गए,” तो कुछ ने इसे प्रकृति का अनोखा चमत्कार बताया। हालांकि, इस वायरल वीडियो के साथ एक गंभीर मुद्दा भी जुड़ा हुआ है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियां तेजी से घटती जा रही हैं। वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार जैसे कारणों से इनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं। यही वजह है कि कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
पर्यावरणविदों का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो जहां लोगों को जागरूक करते हैं, वहीं यह भी जरूरी है कि इन पक्षियों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। प्राकृतिक आवासों की रक्षा, शिकार पर सख्ती और जन-जागरूकता अभियान इनके अस्तित्व को बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
यह ‘भूतिया आवाज’ वाला पक्षी भले ही लोगों को रोमांचित कर रहा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी सच्चाई हमें प्रकृति संरक्षण की ओर ध्यान देने के लिए प्रेरित करती है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियां इन्हें सिर्फ वीडियो में ही देख पाएंगी।

