रांचीः यौन उत्पीड़न मामले में स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल को 3 साल की सजा
रांची, 22 मई (आईएएनएस)। रांची स्थित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा उर्फ एमके सिन्हा को अदालत ने स्कूल की नर्सिंग स्टाफ से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के तीन साल पुराने मामले में तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
रांची के अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार नंबर-2 की अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान करते हुए दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पूर्व, अदालत ने गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूर्व प्राचार्य को दोषी करार दिया था।
मामला मई 2022 का है। पीड़िता ने रांची के अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई थी। दर्ज मामले में पीड़िता ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि तत्कालीन प्रिंसिपल एमके सिन्हा ब्लड प्रेशर (बीपी) चेक कराने के बहाने उसे अक्सर अपने चैंबर में बुलाते थे। इस दौरान वे उसके साथ अश्लील हरकत करते थे और शारीरिक संबंध बनाने के लिए लगातार मानसिक व प्रशासनिक दबाव बनाते थे।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी प्रिंसिपल कडरू से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने चार दिनों के बाद जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से तकनीकी सेल की मदद से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी उतार-चढ़ाव का लंबा दौर चला। 21 नवंबर 2022 को आरोपी को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन पीड़िता ने इस आदेश को चुनौती दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने 20 जून 2025 को एमके सिन्हा की जमानत रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट के इस कड़े फैसले के खिलाफ पूर्व प्रिंसिपल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन देश की शीर्ष अदालत ने भी उसकी याचिका को सिरे से खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को एक सप्ताह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से वह लगातार न्यायिक हिरासत में जेल में बंद रहकर ट्रायल फेस कर रहा था।
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