रांची से अपहृत मासूम भाई-बहन 12 दिन बाद सुरक्षित बरामद, दो गिरफ्तार
रांची, 14 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड पुलिस ने रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से अपहृत चार और पांच वर्ष के मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को 12 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया है। दोनों बच्चों की बरामदगी रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से की गई है।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बच्चों के लापता होने के बाद पूरा शहर आंदोलित हो उठा था। 2 जनवरी को धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी खटाल से दोनों बच्चे घर के पास स्थित एक किराना दुकान से सामान लेने के लिए दोपहर करीब तीन बजे निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी देर तक तलाश के बावजूद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने अगले दिन, 3 जनवरी को धुर्वा थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद रांची पुलिस ने व्यापक स्तर पर तलाश अभियान शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर 40 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया दोनों स्तरों पर कार्रवाई करते हुए 5000 से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच की, वहीं शहर और आसपास के इलाकों में लगे करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
इसके साथ ही स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से पोस्टर अभियान चलाया गया और बच्चों की सूचना देने वालों के लिए चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई। बच्चों के लंबे समय तक लापता रहने से शहर में आक्रोश फैल गया था। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने लगातार प्रदर्शन किए। रविवार को धुर्वा सबटाउन बंद भी रखा गया था। मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेते हुए झारखंड के डीजीपी से रिपोर्ट तलब की थी।
लगातार दबाव और सघन जांच के बीच पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर टीम रामगढ़ के चितरपुर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। जानकारी मिली है कि बच्चों को खानाबदोश गुलगुलिया गिरोह ने अगवा किया था। पुलिस के अनुसार बच्चों की सेहत ठीक है और उन्हें परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अपहरण के पीछे के कारणों तथा नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र अपराह्न 12.30 बजे खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी देंगी।
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