रांची पुलिस ने 12 अपहृत बच्चों को कराया मुक्त, गिरोह के 15 गिरफ्तार, कई संदिग्ध हिरासत में
रांची, 18 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड पुलिस ने बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी से जुड़े एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) की इस कार्रवाई में अब तक गिरोह के 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से झारखंड समेत कई अन्य राज्यों में सक्रिय था और बच्चों की तस्करी, भीख मंगवाने तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने रविवार की शाम को प्रेस वार्ता में बताया कि इस गिरोह का पर्दाफाश राजधानी के धुर्वा थाना क्षेत्र से अंश और अंशिका नामक दो मासूम बच्चों के अपहरण के बाद तफ्तीश के दौरान हुआ। दोनों बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने जिले के अलावा अन्य जिलों और राज्यों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसके दौरान कुख्यात ‘गुलगुलिया गैंग’ के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब एक दशक से बच्चा चोरी और मानव तस्करी के धंधे में सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, अब तक जिन 12 बच्चों को गिरोह के चंगुल से छुड़ाया गया है, उन्हें रांची, धनबाद, लातेहार, लोहरदगा और ओडिशा के संबलपुर से अगवा किया गया था। फिलहाल, सभी बच्चों को रांची के धुर्वा थाना में रखा गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। पुलिस बच्चों के परिजनों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। जिन मामलों में पहचान को लेकर परेशानी होगी, वहां डीएनए जांच कराई जाएगी।
गिरफ्तार अभियुक्तों में विरोधी खेरवार उर्फ अनुराग, एंथोनी खेरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज ख्वानी, नव खेरवार, सोनी कुमारी, चांदनी देवी, सीता देवी, दीनू भुईंया, सन्यासी खेरवार, मालिन देवी, बेबी देवी, सोनिया देवी और उपैया खेरवार शामिल हैं। इनके अलावा कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बच्चों को अगवा कर उन्हें बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में बेच देता था या उनसे भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियां कराता था।
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि चोरी की गई कुछ बच्चियों को देह व्यापार में धकेला गया। पुलिस इस आशंका की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का संबंध मानव अंगों की तस्करी से तो नहीं है। अंश और अंशिका अपहरण मामले में गिरफ्तार पति-पत्नी नव खेरवार और सोनी कुमारी को धुर्वा पुलिस ने पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस को बताया कि उनके संपर्क बिहार और बंगाल के अन्य बच्चा चोर गिरोहों से थे और बच्चों को बेचने का सौदा पहले से तय किया जाता था। पुलिस की सक्रियता के कारण कई सौदे पूरे होने से पहले ही नाकाम हो गए। पुलिस ने गिरोह के पास से वारदात में प्रयुक्त एक सफेद मारुति सुजुकी कार भी जब्त की है। ग्रामीण, नगर और यातायात पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब भी अन्य लापता बच्चों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
--आईएएनएस
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