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17वीं बार जेल से बाहर आया राम रहीम, 21 दिन की फरलो ने फिर खड़े किए सवाल; जानिए कब-कब मिली रिहाई
 

17वीं बार जेल से बाहर आया राम रहीम, 21 दिन की फरलो ने फिर खड़े किए सवाल; जानिए कब-कब मिली रिहाई


डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा की रोहतक स्थित सुनारिया जेल से उसे 21 दिन की फरलो मिली है। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच राम रहीम जेल से बाहर निकला और सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ। यह 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद उसकी 17वीं अस्थायी रिहाई है। 

20 साल की सजा काट रहा है राम रहीम

राम रहीम को अगस्त 2017 में दो महिला शिष्यों से दुष्कर्म के मामले में पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने दोषी ठहराया था। उसे दोनों मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई गई, यानी कुल 20 साल की सजा। वह रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। इसके अलावा वह हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया जा चुका है। 

2020 से अब तक 17 बार मिली अस्थायी रिहाई

राम रहीम को पहली अस्थायी रिहाई अक्टूबर 2020 में मिली थी। इसके बाद पैरोल और फरलो का सिलसिला लगातार जारी रहा। उपलब्ध जेल रिकॉर्ड के मुताबिक उसकी 17 अस्थायी रिहाइयों की टाइमलाइन इस तरह है: 

अक्टूबर 2020 — 1 दिन
मई 2021 — 12 घंटे
फरवरी 2022 — 21 दिन
जून 2022 — 30 दिन
अक्टूबर 2022 — 40 दिन
जनवरी 2023 — 40 दिन
जुलाई 2023 — 30 दिन
नवंबर 2023 — 21 दिन
जनवरी 2024 — 50 दिन
अगस्त 2024 — 21 दिन
अक्टूबर 2024 — 20 दिन
जनवरी 2025 — 30 दिन
अप्रैल 2025 — 21 दिन
अगस्त 2025 — 40 दिन
जनवरी 2026 — 40 दिन
मई 2026 — 30 दिन
अगस्त 2026 — 21 दिन

इस साल जनवरी में उसे 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल मिल चुकी है। अब अगस्त में मिली 21 दिन की फरलो उसकी इस साल की तीसरी अस्थायी रिहाई है। 

कुल कितने दिन जेल से बाहर रहा?

राम रहीम की बार-बार अस्थायी रिहाई को लेकर आंकड़ों में कुछ अंतर देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वह अब तक करीब 435 दिन जेल से बाहर रहा है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में कुल अवधि 457 दिन बताई गई है। इसलिए इस आंकड़े को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर देखना उचित होगा। 

आखिर बार-बार पैरोल और फरलो कैसे मिलती है?

राम रहीम की अस्थायी रिहाई हरियाणा के जेल नियमों के तहत होती है। मौजूदा व्यवस्था Haryana Good Conduct Prisoners (Temporary Release) Act, 2022 के तहत पैरोल और फरलो की अनुमति देती है। नियमों के मुताबिक पात्र कैदियों को निर्धारित शर्तों के अधीन एक कैलेंडर वर्ष में 70 दिन तक पैरोल और 21 दिन तक फरलो मिल सकती है। 

हालांकि, राम रहीम जैसे गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्ति को बार-बार अस्थायी रिहाई मिलने को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक बहस होती रही है।

फिर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

17वीं बार जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को इतनी बार अस्थायी राहत मिलना कितना उचित है। पंजाब में कुछ सिख संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने भी इस रिहाई पर सवाल उठाए हैं और इसे अन्य कैदियों के मामलों से जोड़कर देखा है। फिलहाल राम रहीम 21 दिन की फरलो पर सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहेगा। उसकी यह ताजा रिहाई एक बार फिर पैरोल-फरलो की व्यवस्था और गंभीर अपराधों के दोषियों के लिए इसके इस्तेमाल को लेकर बहस के केंद्र में आ गई है।

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