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राम मंदिर ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस, भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा, 'कानून अपना काम कर रहा'

राम मंदिर ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस, भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा, 'कानून अपना काम कर रहा'
राम मंदिर ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट से नोटिस, भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा, 'कानून अपना काम कर रहा'

रांची, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सीपी सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने, पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की नई किताब में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के चुनाव आयोग संबंधी उल्लेख, कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित 136 वर्ष पुरानी मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव और झारखंड की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए जाने पर सीपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही इस मामले में एसआईटी का गठन कर चुकी है और जांच जारी है। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जा रही है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां कानून का शासन है। यदि कोई व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करता है तो न्यायालय अपनी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई करता है। नोटिस जारी करना भी उसी प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। अदालत संबंधित सरकार या पक्षकारों से जवाब और हलफनामा मांगती है, जिसके बाद आगे की सुनवाई होती है। कानून अपना काम कर रहा है और सभी को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

भाजपा विधायक ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है और लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। जब मामला अदालत के समक्ष है तो सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय देगा, उसका सभी को पालन करना होगा।

पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की नई पुस्तक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा चुनाव आयोग को लोकतंत्र की आत्मा बताए जाने के उल्लेख पर भाजपा विधायक ने कहा कि किताबें बाद में लिखी जाती हैं। कुरैशी आखिरकार एक संप्रदाय विशेष के ही हैं, तो वे ऐसी चीजें लिखेंगे ही। मैं एक बात साफ तौर पर बता देना चाहता हूं, इस किताब में जो कुछ भी लिखा है, उससे पहले हामिद अंसारी भी उपराष्ट्रपति रहे, पूरे 10 साल तक रहे। लेकिन उन्हें भारत सुरक्षित नहीं लगता था। इसलिए मैं कहूंगा कि इन सबकी मानसिकता एक ही है। चाहे वे जज हों, चाहे बहुत बड़े अधिकारी हों, या फिर एक साधारण पंक्चर बनाने वाले हों, इनकी मानसिकता एक है। ये सब 'गजवा-ए-हिंद' की मानसिकता के तहत काम करते हैं।

उन्होंने कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित 136 साल पुरानी मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव पर कहा कि देश में कई स्थानों पर सड़क, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर मजार और धार्मिक ढांचे देखने को मिलते हैं। सार्वजनिक स्थानों और विशेष रूप से हवाई अड्डों जैसे संवेदनशील इलाकों में ऐसे ढांचे सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं हैं। यदि किसी धार्मिक स्थल को लेकर लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं तो उसे किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और किसी की धार्मिक भावना भी आहत न हो।

झारखंड की कानून-व्यवस्था पर राज्य सरकार को घेरते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। हाल ही में उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जिसके यहां चोरी हुई थी। बातचीत के दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि डीजीपी ने स्वयं कहा था कि उनके यहां भी चोरी हो चुकी है। यदि शीर्ष पुलिस अधिकारी भी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं तो राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इस स्थिति में राज्य सरकार को गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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