राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की तैनाती का कोई मतलब नहीं, चंदा चोरी करने वाले बच नहीं पाएंगेः अवधेश प्रसाद
लखनऊ, 2 सितंबर (आईएएनएस)। अयोध्या से समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने महाराष्ट्र एसआईआर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ की तैनाती और नेपाल बाढ़ पर प्रतिक्रियाएं दी।
श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा सीईओ की तैनाती किए जाने पर अवधेश प्रसाद ने कहा, "सीईओ की तैनाती का कोई मतलब नहीं है। इस पद पर चाहे आईएएस हो या आईपीएस, उसे सरकार के दबाव में काम करना पड़ेगा। अखिलेश यादव ने चंदा चोरी का खुलासा किया था। इस खुलासे को 2 महीने से अधिक हो गए हैं, लेकिन कारगर और सार्थक काम नहीं हुआ है। हालांकि, बड़ी मछलियों को बचाने का काम किया गया है। यह चोरी और डकैती प्रभु श्रीराम दरबार की है। सरकार भले ही आरोपियों को बचा ले, लेकिन वे बचेंगे नहीं। जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब किसी शक्ति का उदय होता है। महाशक्ति ही पापियों का नाश करती है। यहां तो प्रभु श्रीराम स्वयं विद्यमान हैं, इनका नाश होना है। शुरुआत 2024 लोकसभा चुनाव से हो चुकी है। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में इनका (भाजपा) सफाया हो जाएगा।"
महाराष्ट्र में एसआईआर में 2 करोड़ से ज्यादा नाम कटने को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है। भाजपा सरकार ने लगातार दलितों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और देश भर के लोगों को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए वोटिंग अधिकार छीनने की कोशिश की है। उन्होंने बिहार और बंगाल में ऐसा किया है। ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट गई थीं और उन्होंने इस मामले में कई मुद्दे उठाए थे। यह उनके लिए कोई नई बात नहीं है। लोगों का भाजपा से भरोसा और विश्वास उठ गया है और अब पार्टी के पास वोटरों को गुमराह करने और धोखा देने की कोशिश करने के अलावा कुछ नहीं बचा है।"
नेपाल में आई बाढ़ पर अवधेश प्रसाद ने कहा, "यह बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना है, और एक बड़ी प्राकृतिक आपदा है। भारत सरकार को मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए युद्ध स्तर पर मदद करनी चाहिए। नेपाल में अभी भी कई भारतीय लापता हैं। उन्हें ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाया जाना चाहिए और खोज अभियान चलाया जाना चाहिए। यह बहुत जरूरी काम है और सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।"
--आईएएनएस
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