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'राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश चिंताजनक', भाजपा नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनए)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने कहा है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश बेहद चिंताजनक घटना है। भाजपा नेताओं ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
'राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश चिंताजनक', भाजपा नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनए)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने कहा है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश बेहद चिंताजनक घटना है। भाजपा नेताओं ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "ऐसे लोगों के साथ सख्ती से निपटना चाहिए। किसी मस्जिद में कोई हिंदू यह सोच भी नहीं सकता कि वह जाकर अपना पूजा-पाठ करे, हम सोचते भी नहीं हैं कि दूसरे धर्म के धर्मस्थल को कोई ठेस पहुंचाए। लेकिन एक वर्ग के लोगों की औकात देखिए, ये हमारे राम मंदिर में घुस गए, वहां नमाज अदा करने लगे। इनका उद्देश्य मात्र एक हंगामा क्रिएट करना है, अपने को मीडिया में रखना है, देश में अशांति फैलाने का इनका उद्देश्य है।"

मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि इन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दूसरे धर्मस्थल की बात होती तो ऐसे लोगों को सड़कों पर मार के खत्म कर दिया गया होता।

भाजपा सांसद ने कहा कि हम (हिंदू) बहुत सहिष्णु हैं, हम बहुत बर्दाश्त करते हैं। इसका ये मतलब नहीं है कि कोई कुछ भी कर दे।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने बयान दिया कि अयोध्या के इस मामले की जांच होना जरूरी है। पता किया जाना चाहिए कि यह उसका निजी फैसला था या यह कोई सोची समझी साजिश के तहत समाज में अशांति फैलाने की कोशिश थी। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने भी अयोध्या के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यहां सनातन संस्कृति की महानता साफ दिखती है। अयोध्या, जो सनातन धर्म मानने वालों के लिए आस्था का पवित्र केंद्र है, वहां यह आदमी अपने धर्म से जुड़े नारे लगाता है और उसने नमाज पढ़ने की भी कोशिश की। फिर भी सनातन संस्कृति की महानता यह थी कि लोगों ने उसे पकड़ा और सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया। यह हमारे धर्म और उनके धर्म की सहनशीलता के बीच का अंतर दिखाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "क्या आप सोच सकते हैं कि अगर सनातन धर्म का कोई व्यक्ति दिल्ली की जामा मस्जिद में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर दे? भीड़ उस पर पत्थर फेंककर हमला कर देगी।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

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