राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी में गिरफ्तार मनीष यादव की बहन बोली, मेरे भाई को फंसाया जा रहा है
अयोध्या, 27 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से एक मनीष कुमार यादव की बहन ने दावा किया कि उसके भाई को फंसाया जा रहा है। अयोध्या में आईएएनएस से बात करते हुए मनीष यादव की बहन ने कहा कि मेरा भाई मंदिर में एक महीने से काम कर रहा था। उसके बारे में जो खबरें मीडिया में दिखाई जा रही है, वह ठीक नहीं है।
जब यह पूछा गया कि क्या मनीष को नौकरी पर टिन्नू यादव ने रखवाया था तो मनीष की बहन ने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि उन्हें किसने नौकरी पर रखा, इस बारे में तो भाई को ही ज्यादा जानकारी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टिन्नू यादव से बातचीत नहीं होती है। मनीष की बहन ने बताया कि भाई मनीष यादव ने बीए तक की पढ़ाई की है।
इस मामले में गुरुवार को अयोध्या कोतवाली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मुकदमे में मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मचारी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
दूसरी ओर राम मंदिर में चोरी की घटना पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि वह राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटनाओं से हैरान है और उसने भक्तों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
ट्रस्ट ने जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे मिलने की पुष्टि की और कहा कि मंदिर के लिए मिले दान के पैसों में कथित गड़बड़ी की एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। ट्रस्ट ने भक्तों को यह भी भरोसा दिलाया कि दान में मिली कीमती चीजें सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब मौजूद है।
एक बयान में कहा गया कि श्रीराम मंदिर (अयोध्या) में पिछले कुछ दिनों से सुनी हुई घटनाओं से हम स्तब्ध, आहत एवं अत्यंत दुखी हैं। समस्त रामभक्तों एवं रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में यहां सेवा करने वाले हम इसकी न्यायपूर्ण जांच एवं रामभक्तों को आश्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा से त्यागपत्र प्राप्त हुआ है। न्यास अपनी आगामी बैठक में इसका विचार करेगा।
न्यास उन श्रद्धालुओं को आश्वस्त करता है जिन्होंने चांदी की ईंटें, आभूषण आदि प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पण हेतु न्यास के अधिकारियों को व्यक्तिशः सौंपी हैं; वे वस्तुएं सुरक्षित हिसाब सहित उपलब्ध हैं।
मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि की घटना के संबंध में न्यास के निवेदन पर प्रशासन की ओर से गठित एसआईटी से प्राप्त अंतरिम प्रतिवेदन के आधार पर न्यास ने एफआईआर की प्रविष्टि की है और उस पर वैधानिक कार्यवाही जारी है। हम सभी को विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति न बने, ऐसा सुनिश्चित करेंगे।
--आईएएनएस
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