राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अब आचार्य इंद्रदेव मिश्र के जिम्मे
अयोध्या, 11 अगस्त (आईएएनएस)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम वेद विद्यालय, कारसेवकपुरम के प्रधानाचार्य आचार्य इंद्रदेव मिश्र को व्यवस्था प्रमुख नियुक्त किया है। वह दिसंबर 2026 तक राम मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, यज्ञ आदि वैदिक अनुष्ठानों और धार्मिक समिति के निर्देशानुसार विभिन्न उत्सवों एवं कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं का कार्यभार संभालेंगे।
हालांकि, मंदिर के समग्र संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी पहले से ही नरपत डुकिया के पास है और आचार्य इंद्रदेव मिश्र उनके सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि आचार्य इंद्रदेव मिश्र लंबे समय से वेद नारायण की सेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के वैदिक अनुष्ठानों की निर्विघ्न और सुचारु व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाया है। ट्रस्ट ने उनकी विद्वता, योग्यता और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें दिसंबर 2026 तक व्यवस्था प्रमुख का दायित्व सौंपा है। इस दौरान वह मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, यज्ञ आदि वैदिक अनुष्ठानों के साथ-साथ धार्मिक समिति के निर्देशानुसार विभिन्न उत्सवों और कार्यक्रमों के सफल संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखेंगे।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मंदिर संचालन एवं प्रबंधन का कार्य नरपत डुकिया को सौंपा जा चुका है। ऐसे में आचार्य इंद्रदेव मिश्र इस व्यवस्था में उनके सहयोगी के तौर पर काम करेंगे। उनका दायित्व मुख्य रूप से धार्मिक अनुष्ठानों और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं पर केंद्रित रहेगा। आचार्य इंद्रदेव मिश्र वर्तमान में राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
इसलिए ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वह मंदिर की अतिरिक्त जिम्मेदारी का निर्वहन विद्यालय के नियमित कार्य समय के अतिरिक्त करेंगे, जिससे विद्यालय की नियमित गतिविधियां प्रभावित न हों। ट्रस्ट के इस निर्णय को राम मंदिर में नित्य होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक कार्यक्रमों और विभिन्न उत्सवों की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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