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'राम मंदिर के मौजूदा ट्रस्ट को तुरंत भंग करें', कांग्रेस ने की संतों-धर्माचार्यों को कमान सौंपने की मांग

'राम मंदिर के मौजूदा ट्रस्ट को तुरंत भंग करें', कांग्रेस ने की संतों-धर्माचार्यों को कमान सौंपने की मांग
'राम मंदिर के मौजूदा ट्रस्ट को तुरंत भंग करें', कांग्रेस ने की संतों-धर्माचार्यों को कमान सौंपने की मांग

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेस कर राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर एनडीए पर निशाना साधाते हुए राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।

राजीव शुक्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और दान प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

उन्होंने आरोप लगाया राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों, गहनों और नकद दान का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा गया। साथ ही मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर धर्माचार्यों, शंकराचार्यों और साधु-संतों की भागीदारी वाला नया ट्रस्ट गठित करने की मांग भी की।

राजीव शुक्ला ने कहा, "मंदिर के लिए दिए गए दान का व्यवस्थित लेखा-जोखा नहीं रखा गया। नकद दान में भी कथित अनियमितताएं हुईं है। यदि किसी ने 13 लाख रुपये का दान दिया, तो रिकॉर्ड में केवल 10 लाख रुपये दिखाए गए और शेष राशि का कोई हिसाब नहीं मिला।"

उन्होंने दावा किया कि कई श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि उन्हें अपने दान की कोई रसीद तक नहीं मिली और भगवान राम का हीरे का हार भी कथित तौर पर गायब है।

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि कांग्रेस की पहली मांग सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच है, जबकि दूसरी मांग मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट बनाने की है, जिसमें केवल धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े प्रतिष्ठित संत-महात्माओं को शामिल किया जाए।

राजीव शुक्ला ने आगे कहा, "देश के विभिन्न हिस्सों से मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। मंदिरों के संचालन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए, जिसमें धार्मिक, निष्पक्ष और ईमानदार लोगों की नियुक्ति सुनिश्चित हो। लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है और श्रद्धा से दिए गए दान के दुरुपयोग की आशंका बढ़ी है।" उन्होंने मंदिरों में दान संग्रह की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने और इस संबंध में न्यायालय से भी स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की।

राम मंदिर चढ़ावा में हेराफेरी के मामले में दर्ज एफआईआर पर राजीव शुक्ला ने कहा, "चंपत राय के सवाल पर, मैंने पहले ही कहा है कि 7-8 छोटे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं। चंपत राय और ट्रस्ट के लोगों को अभी भी बचाया जा रहा है। हम चंपत राय से ऊपर के लोगों की बात कर रहे हैं। हजारों करोड़ का घोटाला हो जाए और किसी को पता न चले, यह सिर्फ चंपत राय के बस की बात नहीं है। यह मामला चंपत राय से ऊपर का है। चंपत राय और दूसरे लोग तो ज़िम्मेदार हैं ही, लेकिन दूसरे लोग भी जिम्मेदार हैं। इसलिए, इसकी बड़े पैमाने पर जांच होनी चाहिए। प्रधानमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया, क्योंकि जब मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तो सब लोग गए थे, इसीलिए अब इस मामले में सबको आगे आना चाहिए।"

ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं का संचालन राजनीति के बजाय धर्म और आस्था से जुड़े लोगों के हाथ में होना चाहिए। वर्तमान में ट्रस्ट के प्रबंधन में राजनीतिक प्रभाव दिखाई देता है, जिसका कांग्रेस विरोध करती है। ट्रस्ट में धार्मिक विद्वानों, धर्माचार्यों और संतों को प्रमुख भूमिका मिलनी चाहिए, क्योंकि वे धार्मिक परंपराओं और आस्था की बेहतर समझ रखते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रस्ट के संचालन में राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों की क्या आवश्यकता है और मांग की कि प्रबंधन को पूरी तरह धार्मिक स्वरूप दिया जाए।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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