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राम मंदिर दान चोरी मामले पर सियासत तेज, ट्रस्ट ने सीएम योगी से एसआईटी जांच की मांग की

अयोध्या, 13 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी होने के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं और राजनीतिक बयानों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटीई) से जांच कराने की मांग की है।
राम मंदिर दान चोरी मामले पर सियासत तेज, ट्रस्ट ने सीएम योगी से एसआईटी जांच की मांग की

अयोध्या, 13 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर में दान पात्रों से धनराशि चोरी होने के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही चर्चाओं और राजनीतिक बयानों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटीई) से जांच कराने की मांग की है।

एक प्रवक्ता ने बताया कि ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी से मांग की है कि मामले को लेकर भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए एसआईटी गठित की जानी चाहिए, ताकि तथ्य जनता के सामने आ सकें और अफवाहों पर विराम लगे।

बता दें कि इस प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 'चढ़ावा चोरी कांड’ को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता असहज हो गए हैं। सपा प्रमुख ने कहा भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है।

सपा अध्यक्ष ने सवाल किया कि इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। उन्होंने पूछा कि पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है।

पहले ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चढ़ावा में चोरी का मामला उठाया था। तब चंपत राय ने बयान जारी कर किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी अखिलेश यादव का हमला जारी रहा। इसी बीच बुधवार को यहां तैनात रहे विहिप नेता और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने भी कई सालों से चढ़ावा में चोरी का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। इसके बाद अयोध्या के संत भी दो गुटों में बंटे नजर आए। चौतरफा जांच की मांग उठने लगी।

--आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी

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