राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर छिड़ा सियासी संग्राम, नीरज कुशवाहा बोले-एसआईटी रिपोर्ट की बारीकी से हो जांच
नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
नीरज कुशवाहा की ओर से आरोप लगाया गया कि सिंधी समाज की ओर से दिए गए चांदी के वृक्ष का कोई पता नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि सरकार मंदिर में ऐसी व्यवस्था कराए कि चढ़ावे का रोजाना जनता को हिसाब दिया जाए। इसके लिए बोर्ड, मॉनिटर की व्यवस्था की जाए। साथ ही चढ़ावे का उपयोग कहां किया जा रहा है, इसकी भी जानकारी दी जाए। सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले, अन्यथा आने वाले दिनों में सरकार के लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
शिव सेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस देश में चोरों के खिलाफ कभी कार्रवाई नहीं होती। भाजपा की ओर से कहा जाता है कि सोमनाथ मंदिर को गजनवी ने लूटा और अयोध्या को बाबर ने लूटा; इन लोगों का नाम पीछे छूट गया। अब भाजपा में ही 'बाबर और महमूद गजनवी' पैदा हो गए हैं। जिस राम मंदिर के लिए हम लोगों ने खून बहाया, उस मंदिर को भाजपा के 'महमूद गजनवी' की ओर से लूटा जा रहा है। सब मुंह, कान और आंख बंद करके बैठे हैं और मंदिर लूटे जा रहे हैं।
शिव सेना (यूबीटी) के एमएलसी सचिन अहीर ने कहा कि खुलासा करने का कोई मतलब नहीं है। लोग भगवान को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उंदय सामंत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राम मंदिर में सोने या फंड से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे। इसका इस्तेमाल माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। एसआईटी ने इस मामले को साफ कर दिया है। एसआईटी की जांच जनता के सामने आ जाएगी।
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