राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अरविंद केजरीवाल का आरोप, 'ताकतवर लोगों को बचाया जा रहा है'
नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। गोवा दौरे के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और अब तक की गई कार्रवाई केवल दिखावे के लिए है।
केजरीवाल ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा के साथ दान दिया था, लेकिन अब मंदिर से जुड़े कथित जमीन सौदों, निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी और चढ़ावे की चोरी जैसी खबरों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपए के चढ़ावे, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं के गायब होने की बातें सामने आई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज में कई बार चोरी की घटनाएं दर्ज होने के बावजूद मामले को दबाने का प्रयास किया गया। वर्ष 2021 से ही मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीनों में अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जमीनों की खरीद बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर की गई, जिससे मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे का दुरुपयोग हुआ। इन मामलों से जुड़े दस्तावेज पहले भी सार्वजनिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।
केजरीवाल ने निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ और ट्रस्ट के सदस्यों का चयन भी शीर्ष स्तर पर किया गया। ऐसे में यदि इतने बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं हुईं तो इसकी जानकारी सरकार को कैसे नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को पहले से जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई और यदि जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी), दर्ज एफआईआर और कुछ लोगों की गिरफ्तारी केवल औपचारिक कार्रवाई है। वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही है और छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए तथा यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी पारदर्शी जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के हिंदू और सनातनी समाज की भावनाएं इस पूरे घटनाक्रम से आहत हुई हैं और लोगों के मन में कई सवाल हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
--आईएएनएस
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