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राम मंदिर चढ़ावा मामले और गाजा पर सरकार के रुख को लेकर कांग्रेस का निशाना, अखिलेश प्रताप सिंह ने उठाए सवाल

राम मंदिर चढ़ावा मामले और गाजा पर सरकार के रुख को लेकर कांग्रेस का निशाना, अखिलेश प्रताप सिंह ने उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा मामले और गाजा पर सरकार के रुख को लेकर कांग्रेस का निशाना, अखिलेश प्रताप सिंह ने उठाए सवाल

नई दिल्‍ली, 27 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले में चल रही जांच और गाजा मुद्दे पर सरकार की विदेश नीति को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में शुरुआत से ही अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं, जबकि गाजा मुद्दे पर भारत की विदेश नीति अपने पारंपरिक मूल्यों से भटकती दिखाई दे रही है।

उन्होंने दोनों मामलों में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।

अखिलेश प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले में हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब कांग्रेस की ओर से इस मामले को सार्वजनिक किया गया था, तब ट्रस्ट ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया था। हालांकि, जैसे-जैसे मामले की परतें खुलती गईं, करोड़ों रुपए के कथित घोटालों की बातें सामने आने लगीं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और बाद में मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

उन्‍होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट शुरुआत से ही विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में रहा है तथा भूमि खरीद और अन्य वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। उनका दावा है कि मंदिर निर्माण के साथ-साथ भ्रष्टाचार का खेल भी चलता रहा।

कांग्रेस नेता ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से काम करती दिखाई नहीं दे रही है। दर्ज एफआईआर में केवल छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि ट्रस्ट में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि मौजूदा ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए, क्योंकि उस पर लोगों का भरोसा नहीं बचा है। ट्रस्ट के ही एक सदस्य ने इस मामले को साधारण चोरी नहीं, बल्कि मंदिर के चढ़ावे पर डाका बताया था। अखिलेश प्रताप सिंह ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी मौजूदा या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका आरोप है कि पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, इसलिए शीर्ष स्तर पर मौन साधा गया है।

गाजा मुद्दे पर कांग्रेस संसदीय दल की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की आलोचना का समर्थन करते हुए अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सोनिया गांधी ने जो बातें उठाई हैं, वे पूरी तरह उचित हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा से मूल्यों और संतुलन पर आधारित रही है तथा देश ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में स्वतंत्र और स्वायत्त दृष्टिकोण अपनाया है।

उन्‍होंने कहा कि भारत की परंपरागत विदेश नीति किसी भी देश के सामने झुकने या उसके प्रभाव में आने की नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की विश्वसनीयता और संतुलित कूटनीतिक छवि को बनाए रखना आवश्यक है और विदेश नीति का संचालन राष्ट्रीय हितों तथा स्थापित मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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