राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, विपक्ष पर बरसे संजय निषाद
बलिया, 9 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के रुख और महाराष्ट्र की भाषा नीति सहित विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो जैसा अपराध करेगा, उसे उसी प्रकार की सजा मिलेगी।
राहुल गांधी द्वारा चढ़ावा चाेरी मामले पर कोई टिप्पणी नहीं किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की अपनी-अपनी विचारधारा होती है, जबकि सरकार कानून के अनुसार अपना दायित्व निभा रही है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजे जाने पर संजय निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग बयानबाजी, सवाल-जवाब और पोस्टरबाजी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब इन्हीं लोगों ने आस्था और निष्ठा पर सवाल खड़े किए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान राम का नाम लेने से बचते हैं, वे राजनीतिक लाभ के लिए राम का सहारा लेने से भी नहीं चूकते। उन्होंने दोहराया कि सरकार इस पूरे मामले में निष्पक्ष ढंग से कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा 16 अगस्त से व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निषाद ने कहा कि स्थानीय भाषा का ज्ञान किसी भी क्षेत्र में बेहतर संवाद और कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि यदि लोग स्थानीय भाषा नहीं सीखेंगे तो उनके व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी के प्रति समानता का भाव बना रहना चाहिए। उनके अनुसार, स्थानीय भाषा की समझ आपसी तालमेल और बेहतर संबंध स्थापित करने में मदद करती है। इस पूरे मुद्दे पर सरकार को संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है।
--आईएएनएस
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