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राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष में टकराव, नेताओं के विदेश में दिए बयानों पर तकरार

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा में आंध्र प्रदेश से भाजपा के सांसद पाका वेंकट सत्यनारायण ने बुधवार को कहा कि भारत का नागरिक विश्व में जहां भी जाए, उसे अपनी मातृभूमि का सम्मान करना चाहिए और राष्ट्र की गरिमा को सर्वोच्च बनाए रखना चाहिए। किन्तु, आज जो स्थिति देखने को मिल रही है, वह चिंता का विषय है।
राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष में टकराव, नेताओं के विदेश में दिए बयानों पर तकरार

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। राज्यसभा में आंध्र प्रदेश से भाजपा के सांसद पाका वेंकट सत्यनारायण ने बुधवार को कहा कि भारत का नागरिक विश्व में जहां भी जाए, उसे अपनी मातृभूमि का सम्मान करना चाहिए और राष्ट्र की गरिमा को सर्वोच्च बनाए रखना चाहिए। किन्तु, आज जो स्थिति देखने को मिल रही है, वह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि हमारे निर्वाचित जनप्रतिनिधि, जिन्होंने संविधान की तीसरी अनुसूची के अंतर्गत भारत की संप्रभुता और अखंडता के प्रति सच्ची निष्ठा की शपथ ली है, वे विदेशों में जाकर ऐसी बातें कर रहे हैं जो देश की प्रतिष्ठा के विपरीत हैं। सत्यनारायण ने कहा कि वह विशेष रूप से सदन का ध्यान एक प्रमुख विपक्षी नेता की ओर आकर्षित करना चाहते हैं, जिनके बयानों को देश की छवि को धूमिल करने वाला माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विदेशों में जाकर भारत के लोकतंत्र और संविधान के बारे में नकारात्मक टिप्पणियां करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह राष्ट्रीय सम्मान के भी विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। जो भी जनप्रतिनिधि इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देते हैं, उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए, चुनाव लड़ने से वंचित किया जाना चाहिए और सदन की सदस्यता से भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि यह बयान सदन की कार्यवाही के अनुरूप नहीं है। वहीं, भाजपा सांसद ने कहा कि वह सरकार से आग्रह करते हैं कि इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में आवश्यक संशोधन लाए, ताकि देश की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बनी रहे।

इस बयान पर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह शून्यकाल का विषय है और इसमें कांग्रेस पार्टी या किसी विशेष सदस्य का उल्लेख करना पूरी तरह अप्रासंगिक है। ऐसा करना विषय से भटकना है। मैं जानना चाहता हूं कि इसका उद्देश्य क्या है और इसके पीछे क्या मंशा है। उन्होंने कहा कि हम इस तरह की टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं और अनुरोध करते हैं कि इन्हें कार्यवाही से हटाया जाए।

कांग्रेस सांसदों ने कहा कि पाका वेंकट सत्यनारायण ने अपने निर्धारित विषय से अलग हटकर बिना अनुमति के यह विषय सदन में रखा है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि शून्यकाल के तहत जिस विषय पर अनुमति दी गई है, वह ‘विदेश में रहने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों’ से संबंधित है, लेकिन यहां लोकसभा के एक सदस्य के बारे में बात की जा रही है, जो विषय के विरुद्ध है। यह विषय का उल्लंघन है।

इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि वह इस पर ध्यान दे रहे हैं और आवश्यकतानुसार कार्यवाही करेंगे। वहीं नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि सदस्य का मूल मुद्दा यह है कि हमारे कुछ नेता और नागरिक विदेश की धरती पर जाकर भारत की संस्थाओं के बारे में प्रश्न उठाते हैं।

नड्डा ने सभापति से कहा कि जो बातें संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाओं के अंतर्गत नहीं आतीं, उन्हें आप कार्यवाही से विलोपित कर सकते हैं। फिर भी, यह स्पष्ट है कि विपक्ष को असल में पीड़ा इस बात की है कि जो कहा जा रहा है, वह एक सच्चाई को दर्शाता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

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