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राजस्थान सरकार गो-अनुदान और स्वास्थ्य सेवाओं में नाकाम : टीकाराम जूली

राजस्थान सरकार गो-अनुदान और स्वास्थ्य सेवाओं में नाकाम : टीकाराम जूली
राजस्थान सरकार गो-अनुदान और स्वास्थ्य सेवाओं में नाकाम : टीकाराम जूली

जयपुर, 17 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने गायों के लिए जारी ग्रांट में बरती गई अनियमितता, हेल्थकेयर संकट और वंदे मातरम बिल को लेकर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि गायों को लेकर जारी ग्रांट में बरती गई अनियमितता पर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, मेरा संज्ञान में यह मामला सामने आया है। पहले भी इस तरह के मामले प्रकाश में आए थे, जहां गोशालाओं में फर्जी तरीके से गायों को दिखाकर अनुदान उठाए गए थे। अब एक बार फिर से जब इस तरह के मामले प्रकाश में आ रहे हैं, तो सरकार को ध्यान देना चाहिए। अगर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, तो यह सवाल उठता है कि सरकार क्या कर रही है? एक तरफ गायों की मौत हो रही है तो दूसरी तरफ ये लोग गो-अनुदान को फर्जी तरीके से उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे मैं समझता हूं कि किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

टीकाराम जूली ने कहा कि मेरा कुल मिलाकर इस मामले में यही कहना है कि इसकी जांच की जाए। इसके इतर, ऐसी बहुत सारी गोशालाएं हैं, जिनकी समय पर भुगतान भी नहीं हो रहा है। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार के लिए यह जरूरी हो जाता है कि ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाए, ताकि उसे किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो, लेकिन अफसोस की बात है कि ईमानदारी से काम करने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही है। मेरा यही कहना है कि जो लोग ईमानदारी से काम कर रहे हैं, उन्हें आर्थिक सहायता मिले और जो लोग फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

उन्होंने वंदे मातरम बिल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गीत और राष्ट्रगान हमारे नैतिक कर्तव्यों में आता है। सभी लोग इनका सम्मान करते हैं। पहले भी इस तरह के प्रावधान होंगे और होने भी चाहिए। इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में बरती जा रही अनियमितता पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग चरमराया हुआ है। यह कोई नई बात नहीं है। आज ही दो बड़ी खबरें आई हैं। पहली यह है कि जो बस ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए लगाई गई थी, उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसमें करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए और ओटी के अंदर लाइट चले जाना, वो भी चलते ऑपरेशन में। मैं समझता हूं कि यह बहुत ही गंभीर घटना है। इन लोगों को जब मौत पर ही फर्क नहीं पड़ रहा है, तो बाकी चीजों से इन्हें क्या ही फर्क पड़ेगा। ये लोग तो यहां तक मान रहे हैं कि मरीजों को नकली इंजेक्शन तक लगाए जा रहे हैं। अब इससे बढ़कर क्या हो सकता है। सरकार को जिस तरह की गंभीरता दिखाई जानी चाहिए थी, वैसी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। सरकार को काफी समय से स्वास्थ्य विभाग पर अंगुली उठाई जा रही है। चाहे एंबुलेंस में ब्लड या ऑक्सीजन उठाने की बात हो या एंबुलेंस के वाहन चालकों को समय पर वेतन देने की बात हो। हर मामले में यह सरकार फिसड्डी साबित हो रही है। चाहे कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला है। इस तरह से लगातार सवाल उठ रहे हैं। लेकिन, सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।

वहीं, उन्होंने पार्टी के प्रभारी के आने और बैठक को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के राजस्थान प्रभारी दो दिवसीय दौरे के तहत राजस्थान आ रहे हैं। वो संगठन से जुड़े हुए विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए बैठक करेंगे।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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