राजस्थान नगर निकाय चुनाव में 125 सीट जीतेगी भाजपा: विधायक बालमुकुंद आचार्य
जयपुर, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा विधायक बालमुकुंद अचार्य ने राजस्थान नगर निकाय चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पक्ष में करीब 125 सीटें आने की उम्मीद है और भाजपा का मेयर चुना जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से निर्दलीय या कांग्रेस उम्मीदवार के बजाय भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
बालमुकुंद अचार्य ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है और राजस्थान में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार चल रही है। अब नगर निगम में भी भाजपा का बोर्ड बनने से 'तीसरी सरकार' भाजपा की होगी। भाजपा का पार्षद, चेयरमैन और मेयर चुने जाने पर वार्डों में विकास को गति मिलेगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपना वोट किसी निर्दलीय या कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में न दें। यदि भाजपा का बोर्ड बनता है तो राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
बालमुकुंद अचार्य ने कहा कि मतदाताओं को ‘कमल के फूल’ के पक्ष में मतदान कर भाजपा को मजबूत करना चाहिए, ताकि नगर निगम में पार्टी का बोर्ड बन सके और वार्डों का विकास किया जा सके।
मस्जिद और मदरसों को हटाए जाने से जुड़े सवाल पर भाजपा विधायक ने कहा कि इसे केवल मस्जिद या मदरसा गिराए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी या निजी जमीन पर बिना अनुमति कब्जा कर कोई भवन बनाया जाता है और उसे मंदिर, मस्जिद, मदरसा या किसी अन्य धार्मिक स्थल का नाम दे दिया जाता है, तो निर्माण की वैधता की जांच होनी चाहिए। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या बिना अनुमति निर्माण होने पर उसे हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बालमुकुंद अचार्य ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों के नाम पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिशें होती हैं। सरकारों को ऐसे अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखनी चाहिए। जमीन चाहे सरकारी हो या किसी निजी व्यक्ति की, बिना अनुमति उस पर निर्माण नहीं किया जा सकता। कानून के खिलाफ किए गए निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा विधायक ने इस पूरी कार्रवाई को धार्मिक पहचान के बजाय भूमि और निर्माण की वैधता से जोड़ते हुए कहा कि अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया सभी मामलों में नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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