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राजस्थान में डायरिया को रोकने के लिए अभियान शुरू, बच्चों को दिए जाएंगे ओआरएस और जिंक टैबलेट: गजेंद्र सिंह

जयपुर, 16 जून (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए 16 जून से राज्यव्यापी 'स्टॉप डायरिया अभियान' शुरू कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने बताया कि 16 जून से 31 जुलाई तक यह विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि डिहाइड्रेशन और उससे जुड़ी जटिलताओं के खतरे को कम किया जा सके।
राजस्थान में डायरिया को रोकने के लिए अभियान शुरू, बच्चों को दिए जाएंगे ओआरएस और जिंक टैबलेट: गजेंद्र सिंह

जयपुर, 16 जून (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए 16 जून से राज्यव्यापी 'स्टॉप डायरिया अभियान' शुरू कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने बताया कि 16 जून से 31 जुलाई तक यह विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि डिहाइड्रेशन और उससे जुड़ी जटिलताओं के खतरे को कम किया जा सके।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में डायरिया के मामले बढ़ जाते हैं क्योंकि दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान कई तरह के वायरस और बीमारियों के वाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में स्वच्छता की आदतें विकसित करना और उन्हें साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने खुले में शौच को भी संक्रमण फैलने का एक बड़ा कारण बताते हुए स्वच्छता पर विशेष जोर दिया। यह हमारे बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण अभियान है। मई-जून की गर्मी और मानसून के दौरान डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ओआरएस और जिंक की दवाएं बच्चों के लिए जीवनरक्षक साबित होती हैं।

गजेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, नर्सें, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से बच्चों तक ओआरएस के दो पैकेट और करीब 15 दिनों की जिंक टैबलेट पहुंचाई जाएंगी। साथ ही अभिभावकों को यह भी बताया जाएगा कि डायरिया होने पर ओआरएस का सही तरीके से उपयोग कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में डायरिया से प्रभावित बच्चों की मृत्यु दर में कमी आई है। राज्य में यह दर 6.1 प्रतिशत से घटकर 5.8 प्रतिशत हो गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत करीब 8 प्रतिशत है। यह अभियान राज्य में सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कोटा और बीकानेर में सामने आए मातृ मृत्यु के मामलों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं और मौतों के पीछे एक से अधिक कारण हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सकों को बुलाया गया है, ताकि सभी मेडिकल रिपोर्ट, आंकड़ों और तथ्यों का अध्ययन कर निष्कर्ष निकाला जा सके। किसी भी मरीज की मृत्यु गंभीर विषय है। विशेषज्ञों की राय और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर ही हम अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेंगे और जनता के सामने वास्तविक कारणों को रखेंगे।

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रस्तावित कोटा दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर गजेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह छोटे-छोटे मामलों को राजनीतिक रूप देने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए वे ऐसे विषयों को राजनीतिक तौर पर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएसके

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