राजस्थान बोर्ड 12वीं परीक्षा में बेटियों का दबदबा, तीन छात्राओं ने हासिल किए 99.80 प्रतिशत अंक
जयपुर, 31 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने मंगलवार को आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम के 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। यह पहली बार है जब बोर्ड ने परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद, मार्च में ही नतीजे घोषित किए हैं।
12वीं कक्षा की परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हुई थीं, जिसमें कुल 9,10,009 छात्रों ने परीक्षा देने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। बोर्ड के इतिहास में यह पहली बार है कि 12वीं कक्षा के नतीजे मार्च में ही घोषित किए गए हैं। इससे पहले, आरबीएसई ने 24 मार्च को 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित किए थे।
इस साल आर्ट्स और साइंस स्ट्रीम में लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि कॉमर्स में लड़कों का पास प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि, इस साल कुल पास प्रतिशत पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम रहा। 2026 में, आर्ट्स में पास प्रतिशत 97.54%, कॉमर्स में 98.50% और साइंस में 97.52% रहा। इसकी तुलना में, 2025 के नतीजे आर्ट्स में 97.78%, कॉमर्स में 99.07% और साइंस में 98.43% थे।
आरबीएसई की 12वीं कक्षा के विज्ञान विषय में ऋषिता तुनवाल, निकिता जांगिड़ और दिव्या भादू ने 99.80% अंक प्राप्त कर सीकर जिले का नाम रोशन किया है। ऋषिता तुनवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मेरे साइंस (मैथ्स) स्ट्रीम में 99.8% अंक आए हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ शिक्षकों को दिया है।
ऋषिता ने अपने स्कूल फैकल्टी के सपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत अच्छा शेड्यूल सेट करके दिया, एक्ट्रा क्लास करवाए, जिससे आज हम इतना अच्छा प्रदर्शन कर सके हैं। ऋषिता आगे आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है।
उन्होंने जूनियर्स को सलाह दी कि वे पूरे फोकस के साथ पढ़ाई करें और सेल्फ-स्टडी पर ध्यान दें। रेस्ट पूरा करें। इसी के साथ पढ़ाई के दौरान 5 से 10 मिनट का ब्रेक लेते रहें। इससे आपका फोकस पढ़ाई के प्रति बना रहेगा। अगर आपका एक सपना है, जीवन में कुछ करने की ललक है, तो उसके बारे में सोचने से आपका स्ट्रेस अपने आप कम हो जाएगा।
वहीं, निकिता जांगिड़ ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मैंने राजस्थान बोर्ड से 12वीं की परीक्षा में 99.80% अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की पढ़ाई करती थी। उनके पिता एक टीचर और मां गृहिणी हैं। निकिता भी आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।
उन्होंने स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर बात करते हुए कहा कि मैं केवल पढ़ाई के मकसद से उसका इस्तेमाल करती थी। इसी के साथ उन्होंने अपने जूनियर्स को स्कूल में फोकस के साथ पढ़ाई करने और रिवीजन पर जोर देने की सलाह दी।
--आईएएनएस
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