राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को गाय के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। मामला इतना गरम हो गया कि बीजेपी और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए और सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सूत्रों के अनुसार, हंगामे के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सदन में पोस्टर लहरा दिए, जिसमें गाय और संबंधित मुद्दों को लेकर विरोध जताया गया। वहीं बीजेपी विधायक भी अपनी बात रखने के लिए जोर-शोर से विरोध करते नजर आए।
स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर वासुदेव देववानी ने तत्काल हस्तक्षेप किया और सदन की कार्रवाई को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। उन्होंने सभी विधायकों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने का निर्देश दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा में इस तरह के हंगामे अक्सर सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर उठने वाले मतभेद के कारण होते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में बहस का उद्देश्य लोकतांत्रिक रूप से मुद्दों पर चर्चा करना है, लेकिन कभी-कभी भावनाएं हावी हो जाती हैं और हंगामा उत्पन्न हो जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गाय जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विधानसभा में सख्त और भावनात्मक बहस आम है। इस बार भी दोनों पक्षों ने अपने-अपने तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि हंगामे के बावजूद सदन में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारी और पुलिस तैनात रहे। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी, लेकिन नियम और शांति का उल्लंघन नहीं सहा जाएगा।
इस घटना ने विधानसभा के सदस्यों और जनता दोनों के बीच चर्चा को जन्म दिया। सभी की निगाहें अब दोबारा सदन खुलने और बहस के फिर से शुरू होने पर टिकी हुई हैं।

