सुनील कुमार ने दी चुनौती, बोले- विधानमंडल परिसर में करा दूंगा शराब की डिलीवरी
पटना, 25 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार में विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के कई विधायक शराबबंदी कानून की समीक्षा की लगातार मांग कर रहे हैं। इस बीच, राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां शराब नहीं मिलती है।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि बजट सत्र के अंतिम दिन वे विधानमंडल परिसर में शराब की डिलीवरी कराकर दिखा देंगे।
विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में राजद अध्यक्ष लालू यादव के करीबी माने जाने वाले सुनील कुमार ने दावा करते हुए कहा कि 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद बिहार में शराब की खपत कम होने के बजाय कई गुना बढ़ गई है और अब शराब से ज्यादा 'सूखा नशा' युवाओं को बर्बाद कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और नेपाल देश हैं, जहां शराबबंदी नहीं है। ऐसे में कोई कल्पना नहीं कर सकता है कि बिहार में शराब नहीं आएगी। आज युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। जिन्हें शराब नहीं मिलती, वे सूखे नशा के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि सूखे नशा की जो खपत पंजाब, मुंबई और पुणे में होती है, उससे ज्यादा आज बिहार में सूखे नशा का व्यापार हो गया है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कुछ लोग चाहते हैं कि शराबबंदी और दहेज प्रथा के खिलाफ कानून बनाकर उन्हें 'राजा राम मोहन राय' की तरह याद किया जाए, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी बिना दहेज के शादियां नहीं हो रही हैं। जो हालत दहेज प्रथा की है, वही स्थिति शराबबंदी की है।"
उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने नल-जल योजना, सड़क निर्माण और पुल-पुलिया के कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में हर योजना में भ्रष्टाचार व्याप्त है और इसकी सच्चाई को अब ज्यादा समय तक छुपाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल भी खुलेआम चल रहा है।
--आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी

