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राजा रघुवंशी की हत्या के बाद परिवार में बेटे का जन्म, मां बोलीं- राजा अपने घर आया

इंदौर, 30 मार्च (आईएएनएस)। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ है। मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई के घर में बेटे का जन्म हुआ है। बहुत दिनों बाद परिवार में खुशी लौटी है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जब मैं राजा की डेड बॉडी लेकर आया था, तो उसके पांच-छह दिन बाद कामाख्या मंदिर के पुजारी का फोन आया था।
राजा रघुवंशी की हत्या के बाद परिवार में बेटे का जन्म, मां बोलीं- राजा अपने घर आया

इंदौर, 30 मार्च (आईएएनएस)। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके परिवार में एक बेटे का जन्म हुआ है। मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई के घर में बेटे का जन्म हुआ है। बहुत दिनों बाद परिवार में खुशी लौटी है। राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जब मैं राजा की डेड बॉडी लेकर आया था, तो उसके पांच-छह दिन बाद कामाख्या मंदिर के पुजारी का फोन आया था।

विपिन ने कहा कि मां कामाख्या मंदिर के पुजारी ने कहा था कि परिवार में कोई भी महिला गर्भवती होती है तो राजा वापस आएगा। उन्होंने बताया कि उनकी भाभी ने राजा को पाला था, अब उनके पेट से राजा ने फिर से जन्म लिया है। पंडित जी की बातें सत्य हुई हैं। राजा और नवजात बच्चे की कुंडली और नक्षत्र एक हैं।

उन्होंने बताया कि एकादशी के दिन राजा की हत्या की गई थी। बच्चे ने एकादशी के दिन जन्म लिया है। इसके अलावा दोपहर दो बजकर 42 मिनट के आसपास राजा के प्राण निकले थे। बच्चे ने दो बजकर 42 मिनट पर जन्म लिया है। शादी के 11 दिन बाद राजा की हत्या की गई थी। 10 महीने बाद राजा का जन्म हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्चे का नाम राजा ही रखा जाएगा।

राजा रघुवंशी की मां ने आईएएनएस कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि राजा ने ही जन्म लिया है। बच्चे के चेहरे पर निशान हैं। उस समय कामाख्या देवी मंदिर से हमारे पास फोन आया था कि आपका बेटा आपके घर आना चाहता है। हम अपने राजा का इंतजार कर रहे थे। राजा समय से आ गया है। कालका माता मंदिर के पंडित ने भी हमको बताया था कि राजा आपके घर आएगा। इतने दिनों से हम गम में जी रहे थे। अब बच्चे के जन्म के बाद घर में खुशियों का माहौल है।

उन्होंने बताया कि बच्चे की आंखें राजा की तरह ही हैं। बच्चे का नाक राजा से मिल रहा है। बच्चा हमको ऐसा देख रहा था, जैसे पहले से ही पहचानता हो। बच्चे की कुंडली भी राजा की कुंडली जैसी ही है। राजा को अपने घर लौट कर आना था, इसलिए वह अपने घर में ही आया है।

--आईएएनएस

एसडी/डीएससी

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